अलगाववादियों के बंद से कश्मीर में जनजीवन प्रभावित

अलगाववादियों द्वारा कश्मीर में आहूत बंद के दूसरे दिन भी घाटी में जनजीवन प्रभावित है. अलगाववादी धड़े संयुक्त प्रतिरोध नेतृत्व (जेआरएल) ने अनुच्छेद 35ए के समर्थन में बंद का आह्रान किया है.

इस अनुच्छेद को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई है. इसे रद्द करने की याचिका पर अगली सुनवाई सुप्रीमकोर्ट में
27 अगस्त को की जाएगी.

घाटी के अन्य जिला मुख्यालयों में दुकानें, बाजार, सार्वजनिक वाहन और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान व शैक्षणिक संस्थान बंद हैं. छिटपुट निजी वाहनों को ही श्रीनगर और घाटी के अन्य जगहों में सड़कों पर देखा जा रहा है.

प्रशासन वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारुक को नजरबंद रखा गया है. जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक गिरफ्तारी से बचने के लिए अंडरग्राउंड हो गए हैं.

प्रशासन ने इस बंद की वजह से जम्मू से श्रीनगर के लिए अमरनाथ यात्रा दूसरे दिन भी रोक दी.हालांकि कश्मीर घाटी में बालटाल और पहलगाम आधार शिविरों तक पहुंचे तीर्थयात्री अपनी यात्रा जारी रखेंगे.

घाटी और जम्मू के बनिहाल कस्बे के बीच रेल सेवाएं दूसरे दिन भी बाधित हैं. श्रीनगर और अन्य संवेदनशील इलाकों में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षाबलों की तैनाती की है.