यूपी में लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस, सपा, बसपा और रालोद में गठबंधन, सीटों का हुआ बंटवारा

लोकसभा चुनाव बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है. इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी कमर कस ली है. साल 2019 लोकसभा चुनाव में गठबंधन को मजबूत और तीसरे मोर्चे की मांग करने वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंची हैं.

इस दौरान ममता बनर्जी के दिल्ली आने पर ये माना जा रहा है कि वे विपक्षी दलों को एकजुट करने के लिए यूपीए चेयरमैन सोनिया गाँधी समेत बाकी दलों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी. साथ ही ममता बनर्जी विपक्षी नेताओं को 19 जनवरी को कोलकाता में होने वाली ‘संघीय एवं भाजपा विरोधी ताकतों’ की रैली के लिए आमंत्रित भी करेंगी. इसके अलावा ममता वहा वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी, पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा, भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मुलाकात कर सकती हैं.

ऐसे में एक खबर यूपी से भी आ रही है. यूपी मे गठबंधन और बीजेपी के बीच चुनाव के दौरान कड़ी टक्कर की सम्भावना जताई जा रही है. फ़िलहाल आपको बता दे कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष ने तैयारियां जोर शोरो से शुरू कर दी हैं. इसकी शुरुआत सबसे ज्यादा 80 सीटों वाले राज्य उत्तर प्रदेश से होती दिख रही है. इस दौरान ऐसा सुनने में आ रहा है कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के बीच महागठबंधन हो गया है. इन चारों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी सहमति बन चुकी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे ज्यादा 40 सीटें बसपा को मिलेंगी.

कांग्रेस को 8 और सपा के कोटे से रालोद को सीटें देने पर बात हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ ये चारों दल गोरखपुर-फूलपुर और कैराना लोकसभा उपचुनाव में अपनाई गई रणनीति को आगे ले जाना चाहते हैं. आपको बता दे कि बीते गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में कांग्रेस और बसपा के सहयोग से सपा ने जीत दर्ज की थी. वहीं, कैराना से रालोद के उम्मीदवार ने चुनाव जीता था. आपको मालूम होगा कि 2014 में इन तीनों सीटों पर भाजपा जीती थी.

इस साल के आखिर में मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं. मध्यप्रदेश में भी सपा और कांग्रेस की बीच बात चल रही है. ऐसा कहा जा रहा है कि मायावती राज्य की 230 सीटों में से 50 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती हैं, लेकिन कांग्रेस ने उसे सिर्फ 22 सीटों का ऑफर दिया है. ऐसे में पार्टी के नेता बसपा को 30 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं हैं. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि दोनों पार्टियों के बीच अभी बातचीत जारी है.