यमुना खतरे के निशान से ऊपर, सिसोदिया ने राहत अभियान का जायजा लिया

दिल्ली में यमुना रविवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. यमुना के आस-पास के क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, इस अभियान का दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जायजा लिया. करीब एक हजार परिवारों को रविवार सुबह तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया.

सिसोदिया ने अक्षरधाम और पांडव नगर के आसपास के यमुना खादर इलाकों का दौरा किया और यहां रह रहे लोगों से सुरक्षित जगह जाने का आग्रह किया. हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने और क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से नदी का जलस्तर बढ़कर 205.50 मीटर हो गया है. 31 जुलाई तक नदी का जलस्तर 206.60 मीटर तक पहुंचने की संभावना है.हरियाणा ने शनिवार शाम छह बजे बैराज से छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ा था.

हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी को यहां पहुंचने में सामान्य तौर पर 72 घंटे लगते हैं. इसी बैराज से छोड़े गए पानी से दिल्ली के लोगों को पीने का पानी मुहैया कराया जाता है.

बाढ़ एवं नियंत्रण विभाग के अधिकारी ने मीडिया से कहा, “बैराज से प्रत्येक घंटे और पानी छोड़ा जाएगा, जिस वजह से यहां यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि होगी. हम स्थिति पर करीब से नजर रखे हुए हैं.”

पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी के. महेश ने भी निचले इलाकों का दौरा किया और कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और सरकार आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.

अधिकारी ने मीडिया से कहा, “23 स्थानों पर 67 नावों को तैनात किया गया है. हमने प्रभावित लोगों को विद्यालय परिसरों और रात्रि आवासों में ले जाने की व्यवस्था की है.”

उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर हालांकि खतरे के निशान से ऊपर है, लेकिन अभी स्थिति चिंताजनक नहीं है. त्वरित प्रतिक्रिया टीम को सक्रिय रखा गया है.

राष्ट्रीय आपदा राहत बल को भी अलर्ट पर रखा गया है. प्रीत विहार के नोडल अधिकारी अरुण गुप्ता ने मीडिया  से कहा, “हमने पूर्वी क्षेत्र के 1000 परिवारों के लिए 750 टेंट लगाए हैं. उनके लिए खाने की भी व्यवस्था की जा रही है. हम नदी के समीप निचले इलाके में रह रहे लोगों को समीप के ऊंचे क्षेत्रों में पहुंचा रहे हैं.” नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद लोगों को शनिवार से ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तेज बारिश की वजह से अधिकारियों को हथिनीकुंड बैराज से रविवार को पानी छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के यमुना के पास के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए तैयारियों के मद्देनजर संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की.

दिल्ली सरकार ने भी किसी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार रहने का आग्रह किया है.