महाराष्ट्र : घाटी में बस गिरी, 32 लोगों की मौत

मुंबई से करीब 175 किलोमीटर दूर पोलादपुर के समीप शनिवार को एक गहरी घाटी में एक निजी बस के गिर जाने से एक विश्वविद्यालय के कम से कम 32 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि एक कर्मचारी आश्चर्यजनक रूप से बच गया. अधिकारियों ने कहा ये सभी पिकनिक यात्रा पर थे.

इस वीभत्स घटना में अकेले बचे प्रकाश सावंत देसाई को मामूली चोटें आई हैं. वह घाटी से सुरक्षित चढ़कर ऊपर आने में सफल रहे और उन्होंने ही घटना की सूचना सुबह 10.30 बजे विश्वविद्यालय और पुलिस अधिकारियों को दी.

रायगढ़ पुलिस नियंत्रण कक्ष के अधिकारी पी.डी. पाटील के मुताबिक, बस एक सप्ताहांत पिकनिक के लिए महाबलेश्वर के रास्ते पर थी, जहां यह घटना हुई.

उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की मदद से दोपहर 12 बजे तक शवों को निकाल लिया गया.

सावंत देसाई ने संवाददाताओं को बताया कि पोलादपुर के समीप कीचड़ पर फिसलने के बाद चालक का बस पर से नियंत्रण कथित तौर पर खो गया और यह वीभत्स घटना हो गई.

एक सहायक निदेशक सावंत देसाई ने कहा, “मैं बाहर आने में सफल रहा और उसके बाद मैंने डॉ. बालासाहेब सावंत कोकण कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस को फोन कर घटना की सूचना दी.”

उन्होंने कहा कि उन्हें 500 से ज्यादा फुट चढ़ना था, साथ ही घाटी में मोबाइल फोन के सिग्नल भी नहीं मिल रहे थे.

उन्होंने कहा, “ऊपर सड़क पर पहुंचने के बाद मैं मोबाइल रेंज में पहुंचा और उसके बाद मैंने पुलिस व विश्वविद्याल प्रशासन को फोन किया.” विश्वविद्यालय ने भी घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी.

रत्नागिरी स्थित विश्वविद्यालय के 34 कर्मचारी, जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल थीं, आज सुबह 6:30 बजे राज्य के सबसे मशहूर महाबलेश्वर-पंचगनी हिल रिसोर्ट के लिए निकले थे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एक बस दुर्घटना के कारण जान गंवाने वालों की खबर सुनकर दुखी हूं. अपनों को खोने वालों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं.” कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मौतों पर शोक प्रकट किया है.

गांधी ने कहा, “मैं इलाके के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करता हूं कि वे घायलों और जिनकी मौत हुई है, उनके परिवारों की सभी संभावित सहायता करें.”

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में कहा कि इस दुर्घटना में भारी जन क्षति के बारे में जानकर बहुत दुखी हूं. प्रशासन जरूरी सहायता मुहैया कराने के लिए सभी प्रयास कर रहा है.