21वीं सदी का सबसे प्रभावशाली पूर्ण चंद्रग्रहण आज, रखें इन बातों का विशेष ध्यान

आषाढ़ मास की पूर्णिमा के दिन लगने लगने के कारण इस चंद्रग्रहण का महत्व बेहद खास है. इस चंद्रग्रहण को ‘ब्लड मून’ का नाम दिया गया है. खगोलविदों के अनुसार यह चंद्रग्रहण पूर्ण खग्रास चंद्रग्रहण होगा, जिसकी अवधि 103 मिनट की होगी. ग्रहण काल में क्या सावधानियां रखें, इसको लेकर हर व्यक्ति गंभीर रहता है.

इस समय शुरू होगा चंद्रग्रहण
इस साल का पहला चंद्रग्रहण जनवरी महीने में पड़ा था, लेकिन 27 जुलाई को होने वाला चंद्रग्रहण इससे कहीं अधिक प्रभावशाली होगा. यह चंद्रग्रहण भारतीय समय के अनुसार 27 जुलाई की रात 11 बजकर 54 मिनट से शुरू होगा.जिसके बाद धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़नी शुरू हो जाएगी. 28 जुलाई की देर रात 1 बजे के करीब पृथ्वी की छाया से चांद पूरी तरह से ढक जाएगा. रात लगभग 3 बजकर 49 मिनट पर पृथ्वी की छाया से चांद बाहर आएगा. 28 जुलाई लगभग 5 बजे के करीब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की विरल छाया से बाहर निकल जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का प्रभाव हर मनुष्य पर पड़ता है.

ग्रहण काल में कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए.
ग्रहणकाल में प्रकृति में कई तरह की अशुद्ध और हानिकारक किरणों का प्रभाव रहता है. इसलिए कई ऐसे कार्य हैं जिन्हें ग्रहण काल के दौरान नहीं किया जाता है. ग्रहणकाल में सोना नहीं चाहिए. वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां जरूरत के अनुसार सो सकती हैं. वैसे यह ग्रहण मध्यरात्रि से लेकर तड़के के बीच होगा, इसलिए धरती के अधिकांश देशों के लोग निद्रा में होते हैं.

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
ग्रहणकाल में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए.
ग्रहणकाल में यात्रा नहीं करना चाहिए, दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है.
ग्रहणकाल में स्नान न करें. ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें.
ग्रहण को खुली आंखों से न देखें.
ग्रहणकाल के दौरान महामृत्युंजय मत्र का जाप करते रहना चाहिए.