जानें हल्दी का धार्मिक महत्व, नौकरी-व्यापार में तरक्की के लिए ऐसे करें प्रयोग

हल्दी का धार्मिक कार्यों में भी बेहद खास महत्व है. यह एक की औषधि है जिसमें कई प्रकार के दैवीय गुण मौजूद होते हैं. धार्मिक दृष्टि से हल्दी शुभ और मंगल लाने लाने वाला माना गया है. इसके प्रयोग से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक संपन्नता आती है. साथ ही हल्दी विष को काटती है और नकारात्मक उर्जा को खत्म करती है.

ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से हल्दी का महत्व
हल्दी के कई रंग और प्रकार होते हैं. रंगों के कारण ही इसका ग्रहों से संबंध होता है. हल्दी पीले, नारंगी और काले रंग की होती है. पीली हल्दी बृहस्पति ग्रह से संबंध रखती है. साथ ही नारंगी मंगल से और काली शनि से संबंधित माना गया है. ज्योतिष में बृहस्पति को मजबूत करने के लिए और बृहस्पति सम्बन्धी समस्याओं के निवारण के लिए पीली हल्दी का प्रयोग किया जाता है.

जीवन में इस प्रकार लाभकारी है हल्दी
भोजन में संतुलित मात्र में हल्दी का प्रयोग व्यक्ति को आरोग्यवान बनाता है. महिलाएं अगर सूर्य को हल्दी मिलाकर जल अर्पित करें तो विवाह की बाधाएँ दूर होती हैं. अगर पेट की या कैंसर जैसी समस्या हो तो हल्दी का दान करना लाभकारी होता है. नित्य प्रातः हल्दी का तिलक लगाने से व्यक्ति को वाणी की शक्ति मिलती है और सात्विकता बढ़ जाती है. अगर हल्दी की माला से मंत्र जाप किया जाए तो व्यक्ति अत्यधिक बुद्धिमान और ज्ञानवान हो जाता है.

बृहस्पति को मजबूत करने के लिए ऐसे करें हल्दी का प्रयोग
सबसे पहले गाँठ वाली पीली हल्दी लें. इसके बाद इसे पीले धागे में बांधकर गले या बाजू में धारण करें. यह पीले पुखराज की तरह काम करता है अतः इससे बृहस्पति मजबूत होगा. इसको बृहस्पतिवार को शुभ मुहूर्त में धारण करें.

शीघ्र शादी के लिए ऐसे करें हल्दी का प्रयोग
स्नान करते समय जल में जरा सी पिसी हुयी हल्दी मिलाएं. जल चढाने के बाद लोटे के किनारों पर लगी हुयी हल्दी को माथे और कंठ पर लगाएं. ऐसा प्रयोग लगातार एक माह तक करें.

नौकरी-व्यापार में लाभ के लिए ऐसे करें हल्दी का प्रयोग
हल्दी में पांनी और चन्दन मिलाएं, पेस्ट जैसा तैयार करें. अब उस पेस्ट को चांदी या जस्ते के पात्र में रखकर पूजा के स्थान पर रख दें. नित्य प्रातः काम की शुरुआत से पहले उस पेस्ट का तिलक माथे पर या कंठ पर लगाएं.
यह विशेष रसायन आकर्षण पैदा करता है और व्यक्ति को चैतन्य रखता है. इस पेस्ट का प्रयोग अगर महिलायें करें तो उनके वैवाहिक जीवन में मधुरता बनी रहती है.