कांग्रेस की नई वर्किंग कमेटी घोषित, पूर्व सीएम हरीश रावत को मिली अहम भूमिका

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्लूसी) का गठन कर दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार किसी वर्किंग कमेटी का गठन किया है. नई कमेटी सीडब्लूसी में अनुभवी और युवाओं नेताओं को तरजीह दी गई है. वहीं इसमें सुशील शिंदे, दिग्विजय सिंह, आरके धवन जैसे पुराने चेहरे अब नजर नहीं आएंगे.

इसके अलावा लंबे समय तक सोनिया गांधी के बेहद करीबी रहे जनार्दन द्विवेदी नई टीम से बाहर हो गए हैं जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह, जितिन प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिंह, राज्यसभा सदस्य पी एल पुनिया को जगह मिली है. इसके अलावा एक और अहम बदलाव देखने को मिला है. उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही उन्हें असम का इंचार्ज भी बनाया गया है.

आपको बता दे कि राहुल गांधी ने अपनी टीम में यूपी से नए व युवा चेहरों के साथ ही जातीय समीकरणों का भी ध्यान रखा है. राहुल की नई टीम में बिहार और बंगाल से कोई नहीं है. दिग्विजय सिंह को हाल ही में समन्वय समिति का अध्यक्षबनाया गया, जबकि कमलनाथ को मध्यप्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है. नई वर्किंग कमेटी 2019 लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की कोर टीम तैयार करेगी.

नई वोर्किंग कमेटी (सीडब्लूसी) में कुल 51 सदस्य होंगे. इनमें 23 सदस्य, 18 स्थाई सदस्य और दस विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं. राहुल गांधी ने पहली बार कांग्रेस के मोर्चा संगठन मसलन यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, इंटक और सेवा दल के अध्यक्षों को सीडब्लूसी में विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है. अभी तक यह विस्तारित सीडब्लूसी समिति के सदस्य होते थे.

मोर्चा संगठनों के साथ अरुण यादव, जितिन प्रसाद और दीपेंद्र हुड्डा को भी सीडब्लूसी का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया है. दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया और विभिन्न प्रदेशों का प्रभार संभाल रहे अनुग्रह नारायण सिंह और राजीव सातव जैसे कई युवा नेताओं को सीडब्लूसी का स्थाई सदस्य बनाया गया है.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगई भी सीडब्लूसी के सदस्य बनाए गए हैं. तरुण गोगई के बेटे गौरव गोगई भी सीडब्लूसी के स्थाई आमंत्रित सदस्य हैं. वह पश्चिम बंगाल और अंडमान निकोबार के प्रभार संभाल रहे हैं. कांग्रेस संविधान के मुताबिक सीडब्लूसी में 25 सदस्य होते हैं.

पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभी सिर्फ 23 सदस्यों की घोषणा की है. ऐसे में सीडब्लूसी में दो पद खाली हैं. आपको बता दे कि मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को जल्द ही कांग्रेस महासचिव की जिम्मेदारी से मुक्त किया जा सकता है. बता दे कि उन्हें नई सीडब्लूसी में जगह नहीं मिली है. ऐसे में यह तय है कि जल्द ही हरियाणा की जिम्मेदारी किसी अन्य नेता को सौंपी जा सकती है.

आपको बता दे कि अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी ने कांग्रेस के 84 वे महाधिवेसन में कहा था कि पार्टी को युवा ही आगे चला सकते है, इसके मुताबिक राहुल गाँधी ने युवा नेताओ पर ध्यान केन्द्रित करते हुए नई वोर्किंग कमेटी में उन्हें स्थाई पद पर जगह दी है और अनुभवी नेताओ को भी उच्च पद से नियुक्त किया गया है. ऐसा पहली बार हुआ है कि पार्टी लम्बे समय तक बिना किसी कमेटी के चली.