मॉब लिंचिंग पर संसद कानून बनाए : सुप्रीमकोर्ट

गोरक्षा के नाम पर भीड़ का शिकार हो रहे लोगों को लेकर सु्प्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. कोर्ट ने लिंचिंग मामले को लेकर कहा कि अभी तक इसको लेकर कोई कानून नहीं बना है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि लोकतंत्र में भीड़तंत्र के लिए जगह नहीं. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को कानून बनाना होगा. इसको लेकर कोर्ट ने आदेश जारी किया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को सख्त आदेश दिया है कि चार हफ्ते में निर्देश लागू करें. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए एम खानविलकर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूढ़ की बेंच ने यह फैसला सुनाया है.

जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिकाकर्ता इंदिरा जयसिंह ने इन मामलों को लेकर याचिका दायर की थी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि मॉब लिन्चिंग की घटनाओं को हर हाल में रोका जाए. जिसके बाद कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई शुरू कर दी.