भारत ने स्वदेशी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का किया सफल परीक्षण

सोमवार को भारत ने स्वदेशी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का ओडिशा के चांदीपुर परीक्षण केंद्र से परीक्षण किया गया . मिली जानकारी के अनुसार, यह परीक्षण सुबह 10 बजे किया गया है. बता दें, इसी साल मई में भी मिसाइल का परीक्षण किया गया था. उस दौरान डीआरडीओ ने ब्रह्मोस मिसाइल की आयुसीमा 10 से 15 साल तक बढ़ाने के बाद परीक्षण किया था.

आपको बता दें कि 12 जून, 2001 को ब्रह्मोस का पहला सफल परीक्षण किया गया था. इस मिसाइल का नाम भारत की ब्रह्मपुत्र नदी और रूस की मस्कवा नदी पर रखा गया है. ब्रह्मोस मिसाइल आवाज की गति से करीब तीन गुना अधिक यानी 2.8 माक की गति से हमला करने में सक्षम है.

इससे पहले 3 जून को परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम लंबी दूरी की बैलस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया था. ओडिशा के बालासोर जिले में अग्नि-5 को अब्दुल कलाम आइसलैंड से इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज द्वारा लॉच किया गया था. यह बेहद शक्तिशाली मिसाइल 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसकी रेंज में भारत के पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान भी हैं.

अगर भारत की स्वदेशी मिसाइलों की बात करें तो उसके पास नाग मिसाइल है जिसका सफल परीक्षण 1990 में किया गया. इसी तरह धनुष मिसाइल स्वदेशी तकनीकी से निर्मित पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक संस्करण है. यह मिसाइल परमाणु हथियारों को ले जाने की क्षमता रखता है. भारत ने 1990 में आकाश मिसाइल का परीक्षण किया. जमीन से हवा में मार करने वाली आकाश मिसाइल की तुलना अमेरिका के पेटियॉट मिसाइल से की जाती है. इस मिसाइल की खूबी यह है कि यह एक समय में आठ भिन्न लक्ष्य पर निशाना साध सकती है. इसके अलावा भारत के पास ब्रह्मोस मिसाइल भी है.