लंदन वनडे : रूट, प्लंकट ने कराई इंग्लैंड की वापसी, टीम इंडिया को 86 रनों से हराया

लंदन|…. मैन ऑफ द मैच जोए रूट (113) के शतक की बदौलत खड़े किए गए 322 के मजबूत स्कोर का इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अच्छे से बचाव करते हुए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया को 86 रनों से हरा दिया. लॉर्ड्स मैदान पर खेले इस मैच में जीत हासिल करने के साथ ही मेजबान इंग्लैंड ने तीन वनडे मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है.

इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवरों में सात विकेट के नुकसान पर 322 रन बनाए थे. टीम इंडिया  इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाए पूरे 50 ओवर खेलने के बाद 236 रनों पर ऑल आउट हो गई. टीम इंडिया का आखिरी विकेट 50वें ओवर की आखिरी गेंद पर युजवेंद्र चहल (12) के रूप में गिरा.

रूट के अलावा इंग्लैंड के लिए कप्तान इयोन मोर्गन ने 53 और डेविड विले ने अंत में नाबाद 50 रनों की पारी खेल टीम को 300 के पार पहुंचाया. इंग्लैंड के गेंदबाजों ने अपने बल्लेबाजों की सफलता जाया नहीं किया. मेजबान टीम के लिए सबसे ज्यादा चार विकेट लियाम प्लंकट ने लिए. विले और आदिल राशिद को दो-दो सफलताएं मिलीं. मार्क वुड और मोइन अली को एक-एक विकेट मिला.

मुश्किल लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा (15) और शिखर धवन (36) ने धीमी ही सही, लेकिन सधी हुई शुरुआत दी. दोनों ने पहले विकेट के लिए 8.2 ओवरों में 49 रन जोड़े. वुड ने रोहित को आउट कर टीम इंडिया को पहला झटका दिया. टीम के स्कोरबोर्ड में आठ रनों का इजाफा हुआ था तभी विले ने धवन को पवेलियन भेज दिया. लोकेश राहुल को प्लंकट ने खाता भी नहीं खोलने दिया.

टीम इंडिया 60 के स्कोर तक आते-आते अपने तीन इनफॉर्म बल्लेबाज खो चुका था. यहां से कप्तान विराट कोहली (45)और सुरेश रैना (46) ने टीम को संभालने की कोशिश. दोनों ने संयम से खेलते हुए चौथे विकेट के लिए 80 रनों की साझेदारी की. कोहली अपने अर्धशतक से पांच रन दूर थे तभी अली ने उन्हें चलता किया. राशिद ने रैना को अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया.

उम्मीदें महेंद्र सिंह धोनी से थीं और उन्हें दूसरे छोर पर साथ चाहिए थे. धोनी के साथ हार्दिक पांड्या (21) विकेट पर थे, लेकिन प्लंकट ने पांड्या को 191 के कुल स्कोर पर चलता कर टीम इंडिया को छठा झटका दिया.

यहां से धोनी अकेले रह गए. इस बीच उन्होंने वनडे क्रिकेट में अपने 10,000 रन पूरे किए. वह वनडे में सबसे तेजी से 10,000 रन बनाने वाले दुनिया के पांचवें बल्लेबाज हैं. धोनी ने इसके लिए 273 पारियों ली जबकि इस सूची में सबसे ऊपर बैठे सचिन तेंदुलकर ने महज 259 पारियों में यह उपलब्धी हासिल की थी.

वहीं धोनी वनडे में 10,000 रन पूरे करने वाले टीम इंडिया के चौथे बल्लेबाज हैं. उनसे पहले इस सूची में सचिन, सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के नाम हैं.

धोनी की पारी का अंत प्लंकट ने 215 के कुल स्कोर पर किया. सिद्धार्थ कौल एक रन ही बना सके. कुलदीप आठ रनों पर नाबाद लौटे.

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को रूट ने बड़े स्कोर तक पहुंचाया. इस मैच से पहला रूट की काफी आलोचना हो रही थी जिसे उन्होंने बल्ले से शांत कर दिया. वो पारी की आखिरी गेंद पर रन आउट हुए. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 116 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया. रूट ने कप्तान के साथ 103 रनों की साझेदारी की और जब टीम अंत में फंस रही थी तब विले के साथ छठे विकेट के लिए 83 रन जोड़े.

जॉनी बेयर्सटो (38) और जेसन रॉय (40) ने टीम को मजबूत शुरुआत दी. दोनों ने मिलकर 10.2 ओवरों में 69 जोड़े. पिछले मैच में इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान करने वाले कुलदीप ने इस बार भी अपने काम को बखूबी अंजाम दिया.

कोहली ने उन्हें गेंद सफलता दिलाने को दी थी. कुलदीप ने कप्तान के भरोसे को जाया नहीं किया और बेयर्सटो को बोल्ड कर दिया. अगला शिकार उन्होंने जेसन को बनाया.

इंग्लिश बल्लेबाज हालांकि कुलदीप के खिलाफ होमवर्क करके आए थे इस बात का अंदाजा मोर्गन और रूट के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी से चला. यह दोनों बिना मुश्किल कुलदीप को खेल रहे थे.

इस साझेदारी को भी हालांकि कुलदीप ने ही तोड़ा. उन्होंने 189 के कुल स्कोर पर मोर्गन को चलता किया. मोर्गन ने अपनी पारी में 51 गेंदें खेली जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल है. दूसरे छोर से रूट रन गाति को बनाए रखे हुए थे. बेन स्टोक्स (5) को हार्दिक पांड्या ने रूट के साथ खड़े नहीं होने दिया. इस बीच उमेश यादव ने जोस बटलर (4) और युजवेंद्र चहल ने मोइन अली (13) को आउट कर इंग्लैंड को लगातार झटके दे थोड़ा परेशानी में डाल दिया.

मेजबान टीम हालांकि दवाब में नहीं आई. रूट को अंत में विले का साथ मिला. दोनों ने मिलकर टीम को एक मजबूत स्कोर प्रदान किया. विले ने अंत में तेजी से 31 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से अपना पहला अर्धशतक जड़ा. टीम इंडिया के लिए कुलदीप ने तीन सफलताएं हासिल कीं. उनके अलावा पांड्या, उमेश और चहल को एक-एक विकेट मिला. सिद्धार्थ कौल इस मैच में भी अपना खाता नहीं खोल पाए.

टीम इंडिया 60 के स्कोर तक आते-आते अपने तीन इनफॉर्म बल्लेबाज खो चुकी थी. यहां से कप्तान विराट कोहली (45)और सुरेश रैना (46) ने टीम को संभालने की कोशिश. दोनों ने संयम से खेलते हुए चौथे विकेट के लिए 80 रनों की साझेदारी की. कोहली अपने अर्धशतक से पांच रन दूर थे तभी अली ने उन्हें चलता किया. राशिद ने रैना को अर्धशतक पूरा नहीं करने दिया. उम्मीदें महेंद्र सिंह धोनी से थीं और उन्हें दूसरे छोर पर साथ चाहिए थे. धोनी के साथ हार्दिक पांड्या (21) विकेट पर थे, लेकिन प्लंकट ने पांड्या को 191 के कुल स्कोर पर चलता कर टीम इंडिया को छठा झटका दिया.

धोनी की पारी का अंत प्लंकट ने 215 के कुल स्कोर पर किया. सिद्धार्थ कौल एक रन ही बना सके. कुलदीप आठ रनों पर नाबाद लौटे.

इससे पहले टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड को रूट ने बड़े स्कोर तक पहुंचाया. इस मैच से पहला रूट की काफी आलोचना हो रही थी जिसे उन्होंने बल्ले से शांत कर दिया. वो पारी की आखिरी गेंद पर रन आउट हुए. उन्होंने अपनी शतकीय पारी में 116 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और एक छक्का लगाया. रूट ने कप्तान के साथ 103 रनों की साझेदारी की और जब टीम अंत में फंस रही थी तब विले के साथ छठे विकेट के लिए 83 रन जोड़े.

जॉनी बेयर्सटो (38) और जेसन रॉय (40) ने टीम को मजबूत शुरुआत दी. दोनों ने मिलकर 10.2 ओवरों में 69 जोड़े. पिछले मैच में इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान करने वाले कुलदीप ने इस बार भी अपने काम को बखूबी अंजाम दिया.

कोहली ने उन्हें गेंद सफलता दिलाने को दी थी. कुलदीप ने कप्तान के भरोसे को जाया नहीं किया और बेयर्सटो को बोल्ड कर दिया. अगला शिकार उन्होंने जेसन को बनाया.

इंग्लिश बल्लेबाज हालांकि कुलदीप के खिलाफ होमवर्क करके आए थे इस बात का अंदाजा मोर्गन और रूट के बीच तीसरे विकेट के लिए हुई शतकीय साझेदारी से चला. यह दोनों बिना मुश्किल कुलदीप को खेल रहे थे.

इस साझेदारी को भी हालांकि कुलदीप ने ही तोड़ा. उन्होंने 189 के कुल स्कोर पर मोर्गन को चलता किया. मोर्गन ने अपनी पारी में 51 गेंदें खेली जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल है. दूसरे छोर से रूट रन गाति को बनाए रखे हुए थे. बेन स्टोक्स (5) को हार्दिक पांड्या ने रूट के साथ खड़े नहीं होने दिया. इस बीच उमेश यादव ने जोस बटलर (4) और युजवेंद्र चहल ने मोइन अली (13) को आउट कर इंग्लैंड को लगातार झटके दे थोड़ा परेशानी में डाल दिया.

मेजबान टीम हालांकि दवाब में नहीं आई. रूट को अंत में विले का साथ मिला. दोनों ने मिलकर टीम को एक मजबूत स्कोर प्रदान किया. विले ने अंत में तेजी से 31 गेंदों में पांच चौके और एक छक्के की मदद से अपना पहला अर्धशतक जड़ा.

टीम इंडिया के लिए कुलदीप ने तीन सफलताएं हासिल कीं. उनके अलावा पांड्या, उमेश और चहल को एक-एक विकेट मिला. सिद्धार्थ कौल इस मैच में भी अपना खाता नहीं खोल पाए.