मुंबई : चौथे दिन भी बारिश से जनजीवन प्रभावित

मुंबई, और इसके आसपास के क्षेत्रों और महाराष्ट्र के बड़े भाग में मंगलवार को लगातार चौथे दिन भी भारी बारिश से सड़क एवं रेल यातायात सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न हुआ.

मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली पश्चिमी रेलवे (डब्ल्यूआर) और मध्य रेलवे (सीआर) की उपनगरीय ट्रेन, ट्रैक पर जलभराव की वजह से 15-20 मिनट की देरी से चल रही हैं, जिसकी वजह से सुबह अपने गंतव्य जाने वाले यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ा.

वसाई-विरार सेक्टर में पश्चिमी रेलवे की सेवाएं रद्द कर दी गईं. सेवा केवल चर्चगेट और वसाई के बीच ही संचालित हो रही है. लंबी दूरी की मुंबई आने वाली या जाने वाली कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या मुंबई-गुजरात और मुंबई-नई दिल्ली मार्ग की ओर स्थानांतरित कर दिया गया है.

पश्चिमी रेलवे के प्रवक्ता जी. महापुरकर ने कहा कि क्षेत्र में कई स्टेशनों पर फंसे हजारों यात्रियों को खाने के पैकेट और पानी बांटे गए. पानी घटने के बाद सेवा फिर से बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

मौसम विभाग के अनुसार, मुंबई में सुबह तक 165.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई जबकि उपनगरीय क्षेत्र में 184.3 मिलीमीटर की बारिश हुई. आने वाले कुछ दिनों में और ज्यादा बारिश की संभावना है.

बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बताया कि पिछले 21 दिनों में शहर में औसत मौसमी कुल बारिश की 60 प्रतिशत बारिश हो चुकी है.

दहीसर, बोरिवली, मलाड, जोगेश्वरी, अंधेरी, सांताक्रूज, माहिम, कुर्ला, परेल, दादर, चेंबुर, किंग सर्किल, सियॉन, वडाला, मस्जिद बंदर, घाटकोपर, पोवाई, भांडुप और अन्य जगहों पर भारी जलजमाव है, जिससे यातायात और राहगीरों की गति थम गई है.

पूर्वी एक्सप्रेस हाईवे, पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे और पूर्वी फ्रीवे पर भारी जाम लग गया है. मुंबई के अलावा, मुंबई मेट्रोपोलिटन क्षेत्र के जिले जैसे ठाणे, पालघर, रायगढ़ में भी भारी बारिश हुई है. सोमवार रात से कई गांवों और शहरों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है या जलभराव हो गया है.

भारी बारिश के बाद, पर्यटन केंद्र जैसे संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान, तुंगरेश्वर वण्यजीव अभ्यारण्य, करनाला पक्षी अभ्यारण्य, तनसा वन अभ्यारण्य और येअूर पहाड़ियों में कई बड़ी और छोटी नदियों और तालाबों में पानी भर गया है. इसके अलावा वैतरना, सूर्या और उल्हास नदियों भी उफान पर आ गईं हैं.

मुंबई और आसपास के जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकल कर्मियों और अन्य एजेंसियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट पर रखा गया है.