उत्तराखंड : गोमुख में कचरे व कृत्रिम झील का सर्वेक्षण करेगा विशेषज्ञों का दल

विशेषज्ञों का एक दल जल्द ही गोमुख से कचरे के एक ढेर को हटाने व एक कृत्रिम झील की निगरानी के लिए सर्वेक्षण करेगा. इस दल में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सदस्य भी होंगे.

अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. गोमुख गंगोत्री ग्लेशियर का उद्गम स्थल है और भगीरथी नदी का स्रोत है. यह गंगा की प्रमुख जल धाराओं में से एक है.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया से कहा कि वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून व इसरो के विशेषज्ञों व पर्यावरणविदों के सर्वेक्षण की तारीख तय की जाएगी और दल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देगा.

मुख्य न्यायाधीश के.एम.जोसेफ व न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा ने गुरुवार को उत्तराखंड सरकार को प्रत्येक तीन महीनों पर गोमुख का सर्वेक्षण कराने व निष्कर्षो की सूचना देने और इसके आसपास के कचरे के ढेर को हटाने का निर्देश दिया है.

अदालत का यह आदेश दिल्ली के अजय गौतम द्वारा दाखिल जनहित याचिका के बाद आया है. अदालत ने सरकार को गोमुख में विकसित कृत्रिम झील को वैज्ञानिक तरीके से और जल्द से जल्द हटाए जाने का निर्देश भी दिया.