कुंडली में इन योगों के कारण होता है पितृ दोष, ऐसे करें पितृ दोष का निवारण

पितृ दोष के उपाय करने के बाद व्यक्ति को जीवन में हर प्रकार की सफलता हासिल होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पितृ दोष के पीछे राहु ही होता है. पितृ दोष अज्ञात दोषों में से एक है.

पितृ दोष से पीड़ित व्यक्ति के जीवन में कभी भी सुख-शांति नहीं मिलती है. साथ ही व्यक्ति का जीवन नीरस हो जाता है. किसी भी जातक की कुंडली में पितृ दोष का कारण पूर्व जन्म में माता-पिता की अवहेलना है.

क्यों होता है कुंडली में पितृ दोष

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पूर्व जन्म में माता पिता की अवहेलना करने पर पितृ दोष लगता है.
  • जब व्यक्ति अपने माता-पिता के प्रति दायित्वों का निर्वहन ठीक प्रकार से नहीं करता है तो वह पितृ दोष दे प्रभावित होता है.
  • पितृ दोष का जीवन पर असर होता है.
  • व्यक्ति को जीवन में हर कदम पर असफलता मिलती है.

कुंडली में इन योगों के कारण होता है पितृ दोष

  • कुंडली में राहु का प्रभाव ज्यादा हो तो इस तरह की समस्या हो जाती है.
  • राहु अगर कुंडली के केंद्र स्थानों या त्रिकोण में हो तो पितृ दोष बनता है.
  • अगर राहु का सम्बन्ध सूर्य या चन्द्र से हो तब पितृ दोष बनता है.
  • अगर राहु का सम्बन्ध शनि या बृहस्पति से हो तो यह दोष बनता है.
  • यदि राहु दूसरे या आठवें भाव में हो.

ऐसे करें पितृ दोष का निवारण

  • अमावस्या के दिन किसी निर्धन को भोजन कराएं, खीर जरूर खिलाएं.
  • पीपल का वृक्ष लगवाएं और उसकी देखभाल करें.
  • ग्रहण के समय दान अवश्य करें.
  • श्रीमदभगवद्गीता का नित्य प्रातः पाठ करें.
  • अगर मामला ज्यादा जटिल हो तो, श्रीमद्भागवद का पाठ कराएँ.
  • अपने कर्मों को जहाँ तक हो सके शुद्ध रखने का प्रयास करें.