अधिकारी हर समय चौकस रहें, हर संभावित आपदा पर रखें पैनी नजर – आयुक्त राजीव रौतेला

मानूसन दौरान सड़क दुर्घटना को देखते हुये आयुक्त राजीव रौतेला ने वीडियो कांफ्रेंस करते हुये मण्डल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे आपदा राहत कार्यो हेतु तत्पर रहें. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों व सड़क महकमे के अधिकारीयों को निर्देश दिये कि सड़कों को गड्डा मुक्त करें व जहां-जहां पैराफिट तथा क्रेशबेरियर टूटे हैं उन्हें तुरंत लगाना सुनिश्चित करें. उन्होंने आरटीओ,आरएम रोडवेज, व पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी प्रकार के वाहनों में ओवरलोडिंग पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगायें इस हेतु उन्होंने नियमि चैकिंग करने के निर्देश दिये.

आयुक्त ने कहा कि वर्षा को देखेते हुये मण्डल में हाईअलर्ट जारी है पिछले तीन दिन से लगातार वारिश हो रही है जिससे पिथौरागढ़ के धारचूला मुनस्यारी क्षेत्र में कई सड़कें टूट गयी हैं तथा उपरी क्षेत्र के 60 से अधिक गांवों में आवागमन बाधित हो रहा हैं. उन्होंने सड़क महकमे के अधिकारियों को निर्देश दिये कि सड़कों की तुरंत मरम्मत करायें साथ ही कहा कि सड़कों में मलुवा आने की स्थिति में जेसीबी के साथ क्षेत्र के अवर अभियंता सड़क खुलवाने के दौरान स्वंय मौजूद रहेंगे तथा सड़क में मलुवा सफाई के दौरान यातायात रोकने व सुचारू करने हेतु पुलिस की भी सहायता ली जाय व शीघ्र अतिशीघ्र यातायात बहाल किया जाय.

रौतेला ने सभी जिलाधिकारियों व सिंचाई विभाग के अधिकारियों केा निर्देश दिये कि वे बाढ़ आपदा पर पैनी नजर रखें तथा जिला आपदा कन्ट्रोलरूम के साथ ही तहसील आपदा कन्ट्रोलरूम व बाढ़ चैकियांे को चैबीस घंटे संचालित करेंगे तथा सभी सूचनाओं का शीघ्रातिशीघ्र आदान प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे. उन्होंने कहा कि सभी जनपद आपदा कन्ट्रोलरूम आपस में सूचनाओं का नियमित आदान प्रदान करेंगे ताकि उपरी क्षेत्रों में अधिक बारिश होने पर मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ से पूर्व अलर्ट हो सकें. उन्होंने कहा कि मण्डल की नदियों के जलस्तर पर पैनी नजर रखी जाय. उपरी क्षेत्रों में अधिक वर्षा होने पर नदी से लगे गांव कस्बों में अलर्ट चेतावनी जारी करते हुये उन्हें विस्थापित करने की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय. उन्होंने कहा कि बाढ़ सम्भावित क्षेत्रों का जिलाधिकारी स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर लें तथा चेतावनी बोर्ड आदि भी लगायें. उन्होंने चम्पावत, उधमसिंहनगर को बाढ़ के मद्देनजर मशीनरी को चुस्त रखने हेतु शीघ्र बाढ़ मोकड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिये.

आयुक्त रौतेला ने मण्डल के जिलाधिकारियों व मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिये कि वे आपदा सम्भावित क्षेत्रों के चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण कर चिकित्सा स्टाफ, आवश्यक दवाइयों के भण्डारण आदि की जानकारी लें साथ ही क्षेत्र में प्राइवेट चिकित्सालयों एवं चिकित्सकों से भी वार्ता करलें, ताकि आपदा दौरान निजी चिकित्सालयों एवं चिकित्सकों की सेवायें भी ली जा सकें. उन्होंने कहा कि जहां भी भूस्खलन आदि से पेयजल लाइनें ध्वस्त होती हैं उन्हें तुरंत मरम्मत कर पेयजल सुचारू किया जाय.

आयुक्त ने पिथौरागढ़ के उपरी क्षेत्र में अत्यधिक वर्षा के कारण कैलाश मानसरोवर से लौट रहे 54 यात्री जो कुमाऊ मण्डल विकास निगम के गुंजी कैम्प में अवस्थान कर रहे हैं केा लाने हेतु हैलीकाप्टर की व्यवस्था करने के निर्देश जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को दिये. वीडियो कान्फ्रेंस में अपर आयुक्त संजय खेतवाल, अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, प्रताप शाह, वन संरक्षक तेजस्वनी पाटिल, मुख्य अभियंता लोक निर्माण केपी जोशी, राष्ट्रीय राजमार्ग डीएस नबियाल, महाप्रबंधक जलसंस्थान एचके पांडे, जीएम केएमवीएन त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण डीएस कुटियाल, सीएस नेगी, एबी कान्डपाल, सिंचाई हरीश चन्द्र सिंह, जलसंस्थान बीसी पाल, जिला आपदा प्रबंधक अधिकारी शैलेश कुमार आदि मौजूद थे.