शैलजा हत्याकांड: खुल रहे हैं सनसनीखेज़ राज़, मेजर ने फ़ोन में कई नंबर आर्मी कोड से किये थे सेव

शैलजा हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस टीम को आरोपी मेजर के पास से बुधवार को दो फोन बरामद हुए हैं. पुलिस ने निखिल के पास से मिले फोन की जांच के दौरान शैलजा और उसके वीडियो और फोटो बरामद किए हैं. बता दें कि शैलजा लगातार निखिल से उसके वीडियो और फोटो डिलीट करने की जिद कर रही थी, वहीं आरोपी उसे सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था.

जांच से जुड़ी पुलिस टीम के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आरोपी मेजर ने अपने फोन में अधिकांश लोगों के नंबर नाम से नहीं बल्कि कोड वर्ड से सेव किए हुए हैं. अब पुलिस आरोपी के फोन में उन नंबरों की जांच कर रही है, जिस पर हत्या करने के बाद आरोपी ने फोन किया था. हालांकि, कई नंबरों के नाम से सेव न होने के चलते पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जांच में सामने आया है कि अक्सर आर्मी के अधिकारी ऐसे कोड का अपनी ड्यूटी के दौरान इस्तेमाल करते हैं. इसके बाद अब पुलिस आरोपी मेजर के फोन में मौजूद कोड को डिकोड करने के लिए आर्मी के विशेषज्ञों की राय लेगी.

आरोपी ने हत्या के बाद शैलजा के फोन को तोड़ दिया था. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने शैलजा के मोबाइल से अपनी और उसके बीच हुई बातें और कॉल हिस्ट्री डिलीट कर दी थी. इसके बाद अब पुलिस ने शैलजा के मोबाइल को कंपनी भेजा है, जिससे उसका डाटा रिकवर करवाया जा सके. पुलिस दोनों के बीच हुई हत्या से पहले की बातचीत देखना चाहती है ताकि हत्या के दौरान हुए झगड़ों के कारणों का पता लगाया जा सके.

निखिल से झगड़े के बाद शैलजा दिल्ली आ गई. वारदात वाले दिन 23 जून की सुबह निखिल और शैलजा के बीच व्हाट्सएप पर बात हुई और दोनों ने आर्मी के बेस अस्पताल में मिलने का फैसला किया. हॉस्पिटल से दोनों साथ में निखिल की कार में निकले और फिर करीब 45 मिनट तक दोनों कार में रहे. इस दौरान ही दोनों के बीच शादी के मुद्दे को लेकर लगातार झगड़ा हुआ. शैलजा ने उसे पीछा करने से मना करते हुए उसकी जिंदगी से दूर होने को कहा तो नाराज होकर निखिल ने उसकी हत्या कर दी.

आरोपी ने बताया है कि उसकी पत्नी भी उस पर शक किया करती थी. क्योंकि वह जब भी दीमापुर आने को कहती वह उसे मना कर देता और खुद ही दिल्ली आ जाता. जब वह दिल्ली में अपने घर पर होता तो उसकी पत्नी अक्सर उसका फोन उठा लेती. फोन में मौजूद मैसेज, कॉल डिटेल और व्हाट्सएप को देखकर कई बार दोनों का झगड़ा भी हुआ था. पत्नी नंबरों को पहचान न सके इसलिए उसने कई नंबर कोड वर्ड से सेव कर लिए थे. मामले की जांच में जुटी पुलिस इस हत्याकांड में निखिल के अलावा उसके दो रिश्तेदारों को भी शक के दायरे में रखा है. पुलिस ने बताया कि निखिल के चाचा और उसके भाई को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है. पुलिस इस हत्याकांड में निखिल के अलावा उसके चाचा और भाई की भूमिका जानने की कोशिश कर रही है.