राम मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या सऊदी अरब में बनेगा – वसीम रिजवी

वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी - फाइल फोटो

यूपी के अयोध्या में विवादित स्थल पर मंदिर बनाए जाने का समर्थन करने वाले शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने राम मंदिर निर्माण के लिए 10 हजार रुपये दान दिया है. राम मंदिर का पुरजोर समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि राम मंदिर अयोध्या में नहीं तो क्या सऊदी अरब में बनेगा? रिजवी ने कहा कि मुसलमानों के लिए मुकदमा जीतने से ज्यादा जरूरी है कि करोड़ों हिंदू भाइयों का दिल जीता जाए.

अयोध्या दौरे पर आए रिजवी रविवार को राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में भी शामिल हुए. इस खास मौके पर महंत ने उन्हें आशीर्वाद दिया. रिजवी ने कहा कि मुसलमानों को अयोध्या में मस्जिद की कोई जरूरत नहीं है. जो मुसलमान इस तरह की पहल के समर्थक नहीं हैं वे दाऊद इब्राहिम की तरह पाकिस्तान चले जाएं.

बता दें कि वसीम रिजवी ने हाल ही में ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड से अयोध्या में बने 9 मस्जिदों के बारे में पूछा था. इतिहासकारों के मुताबिक मुगल शासकों ने हिंदू मंदिर तोड़कर बनाए थे. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विवादित मस्जिद भी ऐसी जगह बनी है और या फिर इसी तरह कहीं और, तो क्या इसे वैध और जायज ढांचा माना जाएगा? अगर यह वैध है तब तो ठीक, वरना यह मुद्दा भी बैठक में उठाया जाना चाहिए और इसपर भी आम सहमति बननी चाहिए.

इससे पहले वसीम रिजवी ने मदरसों को खत्म करने की पैरवी की थी. उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की थी कि वक्त आ गया है कि मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ा जाए. अपने पत्र में उन्होंने सवाल उठाया कि कितने मदरसों ने डॉक्टर, इंजिनियर और आईएएस अफसर पैदा किए हैं? लेकिन कुछ मदरसों ने आतंकी जरूर पैदा किए हैं.