आज हो जाएगा आइडिया-वोडाफोन का एक दूसरे में विलय, यूजर्स पर होगा ये असर

मंगलवार को आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया का एक दूसरे में विलय हो जाएगा. दूरसंचार विभाग (DoT) मंगलवार को दोनों के विलय को मंजूरी दे सकता है. सूत्रों के मुताबिक, DoT दोनों कंपनियों के प्रमुख को सर्टिफिकेट सौंप सकता है. दोनों के मर्जर होने से बनने वाली नई कंपनी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी होगी. नई कंपनी का नाम वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड होगा. ग्राहक संख्या के हिसाब से भी यह देश की सबसे बड़ी मोबाइल दूरसंचार सेवा कंपनी हो जाएगी.

सूत्रों के मुताबिक, ‘वोडाफोन-आइडिया के विलय को दूरसंचार विभाग की मंजूरी सोमवार को मिल सकती है.’ दोनों कंपनियों के विलय के बाद से नई कंपनी की संयुक्त कमाई 23 अरब डॉलर (1.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक) होगी, जिसका 35 फीसदी मार्केट पर कब्जा होगा. नई कंपनी के पास करीब 43 करोड़ ग्राहक होंगे. विलय के बाद इस बढ़ी हुई ताकत से दोनों कंपनियों को बाजार प्रतिस्पर्धा (कॉम्पिटिशन) से निपटने में काफी मदद मिलने की उम्मीद है. नई कंपनी रिलायंस जियो के आने के बाद टेलीकॉम बाजार आकर्षक पैकेज देकर ग्राहकों को तोड़ने-जोड़ने की जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहा है.

मर्जर के बाद वोडाफोन के पास नई कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी होगी. आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास 26 फीसदी और आइडिया के शेयरधारकों के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी होगी. विलय में जा रही इन दोनों टेलीकॉम कंपनियों पर इस समय कर्ज का संयुक्त बोझ 1.15 लाख करोड़ रुपए के लगभग बताया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, विलय योजना की मंजूरी के लिए विभाग आदित्य बिड़ला समूह की कंपनी आइडिया सेल्यूलर से बैंक गारंटी लेगा.

दूरसंचार विभाग आईडिया सेल्यूलर के स्पेक्ट्रम के एकबारगी शुल्क के लिए 2100 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी मांग सकता है. इसके अलावा उसे यह भरोसा भी देना होगा कि वह अदालती आदेश के अनुसार स्पेक्ट्रम संबंधी सभी बकायों का निपटान करेगी. स्पेक्ट्रम शुल्क टुकड़ों में भुगतान के लिए वोडाफोन इंडिया की 1 साल की बैंक गारंटी की जिम्मेदारी आइडिया को लेनी होगी. इसके अलावा कंपनी को यह भी भरोसा देना होगा कि ब्रिटेन के वाडाफोन समूह की कंपनी वोडाफोन इंडिया पर आगे भी कोई देनदारी निकलती है तो उसकी जिम्मेदारी आइडिया को पूरी करनी होगी.

मर्जर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आइडिया ने नई कंपनी के ऐलान के लिए 26 जून को EGM बुलाई है. प्रस्तावों के मुताबिक कुमार मंगलम बिड़ला नई कंपनी के गैर कार्यकारी चेयरमैन होंगे और वोडाफोन इंडिया के मौजूदा सीओओ बालेश शर्मा को कंपनी का सीईओ बनाया गया है. आइडिया के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अक्षय मुंद्रा नई कंपनी में भी CFO के तौर पर नियुक्त होंगे.

कंपनी का नाम बदलने पर आइडिया और वोडाफोन के यूजर्स नई कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के ग्राहक बन जाएंगे. नई कंपनी के ऑफर्स और नए प्लान का फायदा उन्हें मिलेगा. इसके अलावा, जियो और एयरटेल से टक्कर लेने के लिए कंपनी यूजर्स को कुछ अतिरिक्त बेनिफिट्स भी दे सकती है.

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