राइफलमैन औरंगजेब को मारने से पहले आतंकियों ने पूछे थे ये सवाल, वीडियो वायरल

भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगजेब का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. माना जा रहा है कि आतंकियों ने उनकी हत्या करने से पहले इस वीडियो को शूट किया है. वीडियो में आतंकी उन मुठभेड़ों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, जिसमें उन्होंने हिस्सा लिया था.

अधिकारियों ने बताया कि करीब 1.15 मिनट के वीडियो में औरंगजेब नीले रंग की जींस और टी शर्ट पहले हुए हैं. इसमें हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी उनकी ड्यूटी, पोस्टिंग और उन मुठभेड़ों के बारे में पूछ रहा है, जिनमें वह शामिल हुए थे. माना जा रहा है कि इसे जंगल के इलाके में शूट किया गया है.

गौरतलब है कि ईद मनाने के लिए घर आ रहे औरंगजेब को गुरुवार की सुबह आतंकियों ने पुलवामा के कलामपोरा में अगवा कर लिया था. बाद में उनकी लाश कलामपोरा से 10 किलोमीटर दूर गुसु गांव में मिली थी. उनके सिर और गले में गोली मारी गई थी.

आतंकियों ने सेना के जवान औरंगजेब से क्या-क्या पूछा

आतंकी – क्या नाम है तेरा
औरंगजेब– औरंगजेब
आतंकी-बाप का नाम?
औरंगजेब– मोहमम्मद हनीफ
आतंकी-कहां रहते हो
औरंगजेब-पूंछ
आतंकी-ड्यटी किधर है
औरंगजेब-पुलवामा
औरंगजेब-सिपाही हूं…पोस्ट पर ड्यूटी करता हूं
आतंकी -शुक्ला का गार्ड है मतलब तू
आतंकी-उसके साथ में सिविल में तू ही आता है ना
औरंगजेब-हां
आतंकी -मोहम्मद, वसीम और तल्हा भाई के एनकाउंटर में तूने ही किया था
आतंकी -तूने ही बिगाड़ा था जिस्म को
औरंगजेब-नहीं मेरे हाथ में लगी थी
आतंकी -क्या लगी थी
औरंगजेब-मेरा हाथ टूट गया था
आतंकी -आतंकी उनके लाश की बेहूरमती किसने की थी
औरंगजेब—फायर से हुआ था
आतंकी– तीनों की बेहूरमती की थी
औरंगजेब– जी हां फायर किया था
आतंकी–आतंकी शहीद होने के बाद ?
औरंगजेब-हां

बता दें कि ईद मनाने के लिए छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे सेना के जवान औरंगजेब को आतंकियों ने गुरुवार सुबह अगवा कर लिया था. औरंगजेब पुंछ जिले के रहने वाले थे. औरंगजेब का गोलियों से छलनी शव गुरुवार (14 जून) शाम को पुलवामा से बरामद हुआ था. जानकारी के मुताबिक पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला. उनके सिर और गर्दन पर गोलियों के निशान थे.

4 जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के राइफलमैन औरंगजेब फिलहाल शोपियां के शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे. अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार (14 जून) सुबह करीब नौ बजे यूनिट के सैनिकों ने एक कार को रोककर चालक से औरंगजेब को शोपियां तक छोड़ने को कह. आतंकवादियों ने उस वाहन को कालम्पोरा में रोका था और जवान का अपहरण कर लिया था.