कैंची धाम में शुरू हुई मेले की तैयारी, देश-विदेश के लाखों भक्त देते है श्रद्धा व आस्था का परिचय

नैनीताल जनपद में अल्मोड़ा-हल्द्वानी हाईवे पर स्थित नीम करौली बाबा की तपोस्थली (कैंची धाम) पर हर वर्ष 15 जून को मेले का आयोजन होता है. मेले की तैयारी शुरू हो गई है. जिसमें लाखों की संख्या में देशी और विदेशी भक्त पहुंचते है. भक्तजन यहां आकर अपनी श्रद्धा व आस्था का परिचय देते हैं.

जिसमें करीब 2 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने के लिए मंदिर में आते हैं. इन भक्तों में देसी-विदेशी दोनों तरह के भक्त शामिल होते हैं.

कहा जाता है कि एक बार यहां आयोजित भण्डारे में ‘घी’ की कमी पड़ गई थी. बाबा जी के आदेश पर नीचे बहती नदी से कनस्तर में जल भरकर लाया गया. उसे प्रसाद बनाने के लिए जब उपयोग में लाया गया तो वह जल ‘घी’ में परिवर्तित हो गया. इस चमत्कार से आस्थावान भक्तजन नतमस्तक हो गए.

कैंची धाम मेले की शुरुआत वर्ष 1964-65 के आसपास हुई थी. संत नीम करौली बाबा ने यहां मंदिर स्थापित कर मेले की परंपरा शुरू की थी. बता दें कि सन् 1962 में कैंचीधाम की स्थापना हुई थी.

फेसबुक के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग और एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब की प्रेरणा का स्थल कैंची धाम ही है. यहां नीम करौली बाबा का कैंची धाम आश्रम इनके अलावा कई सफल लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत साबित हुआ. एप्पल की नींव रखने से पहले स्टीव जॉब कैंची धाम आए थे. यहीं उनकों कुछ अलग करने की प्रेरणा मिली थी.

समिति प्रबंधक विनोद जोशी के अनुसार 12 व 13 जून को अखंड रामायण, 14 को हवन यज्ञ व 15 को मुख्य मेला वह भंडारे की परंपरा है. इसमें पकवान के रूप में मालपुए का विशिष्ट स्थान है. जो मुख्य मेले से दो दिन पहले तैयार किए जाते हैं. एसडीएम प्रमोद कुमार के अनुसार मेला स्थल व आसपास के क्षेत्र में अधिकारी व कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है. चप्पे-चप्पे की निगरानी मेले के दौरान की जाएगी. व्यवस्था दुरुस्त रहे, श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे.