दिल्ली में धूलभरी सुबह, हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर से नीचे

गुरुवार को दिल्ली और एनसीआर में धूल का गुबार छाया रहा और केन्द्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अनुमान व्यक्त किया कि अगले तीन दिन तक यह धुंध छाई रह सकती है.

बुधवार को नोएडा में पीएम 10 का स्तर 1135 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पहुंच गया था. गौरतलब है कि दिल्ली में पीएम 10 का स्तर 981, पीएम 2.5 का स्तर 200, नोएडा में पीएम 10 का स्तर 1135 तो पीएम 2.5 का स्तर 444 है. जबकि गाजियाबाद में पीएम 10 का स्तर 922 और पीएम 2.5 का स्तर 458 है.

उसके कारण दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से हवा में मिले धूलकण जमीन से कुछ ऊंचाई पर जमा हो जाते हैं. मौसम विशेषज्ञों की राय में इन दिनों भीषण गर्मी से जूझ रहे राजस्थान में तापमान की अधिकता के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण तेज हवाओं के कारण धूल भरी आंधी का असर दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में धूलकणों के वायुमंडल में संघनित होने के रूप में दिखता है.

इस साल भी दस से 12 जून के बीच राजस्थान की धूल भरी आंधी का रुख दिल्ली की ओर रहा जिसकी वजह से यह स्थिति पैदा हुयी है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के हवाले से मंत्रालय ने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में अगले तीन दिन धूल का गुबार बरकरार रहने का अनुमान व्यक्त किया है. इसके मद्देनजर केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने राज्य इकाई के माध्यम से स्थानीय निकायों और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियों से लगातार पानी का छिड़काव करने को कहा है जिससे धूल को उड़ने से रोका जा सके.

साथ ही दिल्ली के मुख्य सचिव को इस दिशा में सभी संबद्ध एजेंसियों को आवश्यक दिशानिर्देश जारी करने को कहा है. इस बीच, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्थिति से निपटने के लिये संबद्ध विभागों के साथ बैठक कर स्थिति से निपटने के लिये वायु प्रदूषण रोधी कदम उठाने को कहा है. साथ ही लोगों को अधिक समय तक खुले में निकलने से बचने का भी परामर्श जारी किया है.