किम-ट्रंप मुलाकात नए युग की शुरुआत के संकल्प के साथ समाप्त

सिंगापुर|…. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने यहां मंगलवार को ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के समापन पर एक ‘विस्तृत’ दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए. दोनों नेताओं ने एक नई साझेदारी का संकल्प लिया और उत्तर कोरिया के प्रति दशकों पुरानी अमेरिकी नीति को उलट दिया. न्यू स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, समझौते के बिंदुओं की जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन दोनों पक्षों ने इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है.

शिखर सम्मेलन के बाद सेंट रेजिस होटल के लिए निकलने से पहले किम ने कहा, “आज (मंगलवार को) हमारे बीच एक ऐतिहासिक बैठक हुई, पिछले इतिहास से बाहर निकलकर यह एक नई शुरुआत है..विश्व एक बड़ा बदलाव देखेगा.” ट्रंप ने कहा कि उन्होंने किम को व्हाइट हाउस आने का न्योता दिया है.

यह शिखर सम्मेलन सेंटोसा द्वीप में ब्रिटिश औपनिवेशिक शैली के बने कैपेला होटल में हुआ. सेंटोसा द्वीप एक मशहूर पर्यटन स्थल है. किम और ट्रंप अपने-अपने देश के पहले नेता हैं जिन्होंने एक दूसरे से मुलाकात की है. ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया के साथ अमेरिका के रिश्ते अतीत से भिन्न होंगे.

ट्रंप ने कहा, “हम दोनों ही कुछ न कुछ करने जा रहे हैं और हमने एक विशेष संबंध बनाया है. हम संपूर्ण विश्व के लिए एक बहुत बड़ी और खतरनाक समस्या पर ध्यान दे रहे हैं.” उन्होंने कहा, “इस समस्या पर जिसकी किसी ने भी उम्मीद नहीं की होगी, उससे कहीं अधिक इसने हम दोनों को नतीजा दिया है.” परमाणु निरस्त्रीकरण के बारे में सवाल पूछने पर ट्रंप ने कहा, “हम प्रक्रिया को जल्द ही शुरू करने वाले हैं.”

दोनों नेताओं की दोबारा मुलाकात के सवाल पर ट्रंप ने कहा, “हम दोबारा मिलेंगे, हम कई बार मिलेंगे.” उन्होंने कहा कि सुबह पहली दफा ऐतिहासिक हाथ मिलाने के बाद से दोनों नेताओं ने एक दूसरे के बारे में बहुत कुछ जाना है.ट्रंप ने किम को ‘एक काबिल’ और ‘एक स्मार्ट वार्ताकार’ करार दिया.

न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ट्रंप और किम जोंग उन सिंगापुर के समयानुसार सुबह नौ बजे मिले और गर्मजोशी से एक-दूसरे से हाथ मिलाया. दोनों नेताओं ने लगभग 12 सेकंड तक हाथ मिलाया. फोटोग्राफरों के सामने ट्रंप ने अपना हाथ किम जोंग के कंधे पर रखा. इसके बाद दोनों नेता उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को सुलझाने के प्रयास के तहत मुलाकात के लिए भीतर चले गए.

इस दौरान ट्रंप ने कहा, “मुझे बहुत अच्छा लग रहा है. यह बेहतरीन चर्चा होगी और मुझे लगता है कि यह सफल रहेगी. यह बहुत सफल होगी और हमारे बीच संबंध बेहतरीन होंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है.” किम जोंग ने कोरियाई भाषा में कहा कि पुरानी धारणाएं हमारे मार्ग में बाधा बनीं लेकिन हमने इन बाधाओं को पार कर लिया है और आज हम यहां मौजूद हैं. वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के सिंगापुर से रवाना होने से पहले इस बैठक का संयुक्त बयान जारी किया जाएगा.

दोनों नेताओं के बीच यह बैठक लगभग 45 मिनट तक चली. इसके बाद दोनों ने विस्तृत दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए. बाद में अमेरिका और उत्तर कोरिया के प्रतिनिधिमंडलों के बीच वार्ता हुई. ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री माइक पोम्पियो, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन, व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ जॉन केली और फिलीपींस में अमेरिका के राजदूत सुंग किम थे.

उत्तर कोरियाई प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री री योंग हो, उपविदेश मंत्री चो सोन हुई और सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष किम योंग चोल मौजूद रहे. उत्तर कोरिया के चो और अमेरिकी राजदूत सुंग किम के बीच सोमवार को बैठक को अंतिम रूप देने को लेकर र्कायकारी बैठक हुई थी. दोनों नेता रविवार को ही सिंगापुर पहुंच गए थे और दोनों ने ही सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग से अलग-अलग मुलाकातें कीं.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह सिंगापुर में आयोजित डीपीआरके शिखर सम्मेलन में संयुक्त राज्य अमेरिका का स्वागत करता है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक सकारात्मक विकास है. भारत ने हमेशा संवाद और कूटनीति के माध्यम से कोरियाई प्रायद्वीप में शांति और स्थिरता लाने के सभी प्रयासों का समर्थन किया है.