यूजीसी, एआईसीटीई का विलय 2019 से पहले होने की संभावना कम

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) का प्रस्तावित विलय 2019 से पहले होने की संभावना कम है. विश्वस्त सूत्र के मुताबिक विलय के मसले को तब तक के लिए टाल दिया गया है जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार को राज्यसभा में बहुमत प्राप्त नहीं हो जाता.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पिछले साल यूजीसी और एआईसीटीई को मिलाकर उच्चतर शिक्षा सशक्तीकरण विनियमन एजेंसी (एचईईआरए) बनाने का प्रस्ताव किया था.

मंत्रालय के सूत्र ने मीडिया को बताया कि एचईईआरए की स्थापना करने के लिए संसद के दोनों सदनों की मंजूरी की आवश्यकता होगी. इसलिए सरकार राज्यसभा में बहुमत प्राप्त करने तक इसके लिए प्रतीक्षा करेगी.

सूत्र ने बताया, “यह एक राजनीतिक मसला है. इसके अलावा संस्थान की रूपरेखा पर भी अभी काम करना बाकी है. लेकिन इसे संसद में लाने का विचार अभी स्थगित कर दिया गया है.” प्रस्तावित एजेंसी में दो वाइस चेयरपर्सन हो सकते हैं.