योगी सरकार में अपराधी खुद कर रहे सरेंडर : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बागपत की धरती पर प्रदेश की योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि बेहतर बिजनेस और कारोबार तब होता है, जब सुरक्षा व्यवस्था सही होती है. यहां पश्चिम यूपी में तो आप साक्षात गवाह रहे हैं कि क्या स्थिति थी. लेकिन अब सीएम योगी के नेतृत्व वाली सरकार में अपराधी खुद सरेंडर कर रहे हैं, कभी भी अपराध ना करने की शपथ लेने लगे हैं.

ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करने के बाद यूपी के विकास पर उन्होंने कहा कि देश के जलशक्ति का भी पूरा इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. देश में 100 से ज्यादा नए वॉटरवेज बनाए जा रहे हैं. यहां यूपी में ही गंगा में जहाज चलने लगे हैं. गंगा जी के माध्यम से यूपी समंदर से जुड़ने वाला है. जल्द ही मालवाहक जहाज यूपी में बना सामान बड़े-बड़े पोर्ट तक पहुंचाएंगे. गंगा की तरह यमुना को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं.

उन्होंने कहा कि जहां-जहां ट्रांसपोर्ट की ये सुविधाएं खड़ी की जा रही हैं, वहां-वहां नए उद्योगों के अवसर भी तैयार किए जा रहे हैं. इसी सोच के साथ इस साल बजट में यूपी में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के निर्माण का भी ऐलान किया गया है.

उन्होंने कहा, “गंगा सफाई पर देश में पहले भी बहुत बड़ी-बड़ी बातें हुई हैं. लेकिन ये (भाजपा) सरकार बातों में नहीं, काम करके दिखाने में भरोसा रखती है. यही हमारी कार्यसंस्कृति है, यही हमारी पूंजी है. जनता की कमाई का एक-एक पैसा जनता पर खर्च हो, इसका ध्यान रखा जा रहा है.” ‘कांग्रेस और उनके साथियों को विकास भी लगता है मजाक’

प्रधानमंत्री ने साथ ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के 9 किलोमीटर के पहले खंड का भी उद्घाटन किया. उन्होंने जहां केंद्र सरकार की योजनाओं का बखान किया, वहीं कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल उनके निशाने पर रहे. उन्होंने ओबीसी, दलित, किसान और परिवारवाद समेत तमाम मुद्दों पर कांग्रेस व विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि सरकार जब भी गरीबों, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए कार्य करती है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं, या उसका मजाक उड़ाते हैं. इन्हें (कांग्रेस व विपक्षी दल) देश का विकास भी मजाक लगता है.

जनसभा में मोदी ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बारे में बताते हुए कहा कि जिस रफ्तार से ये 9 किलोमीटर सड़क बनी है, उसी रफ्तार से मेरठ तक इस पूरे एक्सप्रेसवे का काम करके, जल्द ही दूसरे चरण को भी जनता के लिए समर्पित किया जाएगा. और जब ये हो जाएगा तो मेरठ से दिल्ली सिर्फ 45 मिनट रह जाएगी. उन्होंने दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषण और जाम समस्या को गिनाते हुए कहा कि इसे देखते हुए हमारी सरकार ने दिल्ली के चारों ओर एक्सप्रेस वे का एक घेरा बनाने का बीड़ा उठाया है.

उन्होंने कहा कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे-वे बनने से दिल्ली के अंदर आज जितनी गाड़ियां पहुंचती हैं, उसमें से लगभग 30 प्रतिशत की कमी आ जाएगी. ना सिर्फ बड़ी गाड़ियां और ट्रक बल्कि 50 हजार से अधिक कारों को भी अब दिल्ली शहर के अंदर एंट्री की जरूरत नहीं पड़ेगी, ऐसी व्यवस्था बनाई गई है.

कांग्रेस के साथ अन्य विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए मोदी ने कहा कि इन्हें देश का विकास भी मजाक लगता है. उन्हें स्वच्छ भारत के लिए किया गया काम मजाक लगता है, उन्हें गरीब महिला के लिए बनाया गया शौचालय मजाक लगता है.

उन्होंने कहा, “जब हमारी सरकार गरीब महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देती है, तो भी ये उसका मजाक उड़ाते हैं. जब गरीब के लिए बैंक खाते खुलते हैं, तब भी इन्हें मजाक लगता है. सच्चाई ये है कि गरीबों के लिए, दलितों-पिछड़ों-आदिवासियों के लिए जो भी कार्य किया जाता है, कांग्रेस और उसके साथ चलने वाले दल या तो उसमें रोड़े अटकाने लगते हैं, या उसका मजाक उड़ाते हैं.”

उन्होंने कहा कि पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार में सत्ता देखने के आदी ये लोग गरीब के लिए किए जा रहे हर काम को मजाक समझते हैं. ये तक नहीं सोचते कि उनके झूठ की वजह से देश में किस तरह की अस्थिरता पैदा हो सकती है. चाहे दलितों पर अत्याचार से जुड़े कानून की बात हो या फिर आरक्षण की बात, झूठ बोलकर, अफवाह फैलाकर ये लोगों को भ्रमित करने की साजिश करते रहे हैं.

उन्होंने कहा, “आज देश के लोग देख रहे हैं कि अपने सियासी फायदे के लिए ये लोग सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी खुलेआम झूठ बोल जाते हैं. किसानों की बात करते हुए मोदी ने कहा कि मैं तो सुन रहा हूं कि अब किसानों के बीच भी एक झूठ फैलाया जा रहा है कि जो किसान खेत ठेके पर या बंटाई पर देगा, उससे 18 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा.”

मोदी ने कहा, “मैं अपने किसान भाइयों से कहना चाहता हूं कि ऐसी किसी अफवाह पर ध्यान नहीं दें, बल्कि जो अफवाह फैलाए, उसकी प्रशासन से शिकायत भी करें.” ‘इंफ्रास्ट्रक्चर जात-पात, पंथ-संप्रदाय, अमीर-गरीब में भेद नहीं करता’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सवा सौ करोड़ देशवासियों का जीवन स्तर ऊपर उठाने में देश के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्च र की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है. यही सबका साथ, सबका विकास का रास्ता है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्च र जात-पात, पंथ-संप्रदाय, ऊंच-नीच, अमीर-गरीब में भेद नहीं करता. इससे सबके लिए बराबरी के अवसर पैदा होते हैं. इसलिए हमारी सरकार ने हाईवे, रेलवे, एयरवे, वॉटरवे, आईवे और बिजली से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्च र पर सबसे अधिक ध्यान दिया है.

‘एक परिवार की पूजा करने वाले कभी लोकतंत्र की पूजा नहीं कर सकते’.कांग्रेस पर वार करते हुए मोदी ने कहा, “मैं आपको अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि जिनके मन में स्वार्थ है वो सिफे घड़ियाली आंसू बहाने वाली राजनीति करता है. वो लोकलुभाव राजनीति करता है. लेकिन जो सही मायनों में आपके हित में सोचता है, वो लोकहित की राजनीति करता है.”

उन्होंने कहा कि एक परिवार की पूजा करने वाले कभी लोकतंत्र की पूजा नहीं कर सकते. ये सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली देश की सेना के साहस को भी नकारते हैं. जब अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियां भारत की तारीफ करती हैं, तो ये उन्हें भी डंडा लेकर दौड़ पड़ते हैं.

मोदी ने कहा कि देश की जो एजेंसिया इनके समय में विकास के आंकड़े देती थीं, वहीं एजेंसियां जब, उसी तरीके से नए आंकड़े जारी करती हैं, कहती हैं कि देश में तेजी से विकास हो रहा है, तो ये उनकी विश्वनीयता पर भी सवाल उठाने लगते हैं. ‘गन्ना किसानों की समस्या दूर करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध’

मोदी ने कहा, “गन्ना किसानों के लिए भी हमारी सरकार निरंतर कार्य कर रही है. पिछले वर्ष ही हमने गन्ने का समर्थन मूल्य लगभग 11 प्रतिशत बढ़ाया था. इससे गन्ने के 5 करोड़ किसानों को सीधा लाभ हुआ था. सरकार ने तय किया है कि प्रति क्विंटल गन्ने पर 5 रुपए 50 पैसे की आर्थिक मदद चीनी मिलों को दी जाएगी. ये राशि चीनी मिलों को न देकर सीधे गन्ना किसानों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी.”

उन्होंने कहा कि खेत से निकलकर बाजार तक पहुंचने से पहले किसानों की उपज बर्बाद न हो, इसके लिए 6 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाली प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना पर काम किया जा रहा है. ये योजना पश्चिम यूपी के आलू पैदा करने वाले किसानों की भी मदद करेगी. उन्होंने कहा, “मैं यहां के गन्ना किसानों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार उनकी दिक्कतों के प्रति संवेदनशील है और बहुत कड़ाई के साथ गन्ना किसानों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है.”

‘दलितों पर अत्याचार के कानून को बनाया और कड़ा’

दलितों-ओबीसी को मिल रहे आरक्षण पर मोदी ने कहा, “ये हमारी सरकार के लिए सौभाग्य की बात है कि हम बाबा साहब आंबेडकर से जुड़े पांच स्थानों को पंच तीर्थ के तौर पर विकसित कर रहे हैं. दलित और पिछड़ों के लिए अवसरों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और न्याय के लिए भी बीते चार वर्षों में कई काम किए गए हैं. चाहे वो स्वरोजगार हो या फिर सामाजिक सुरक्षा, आज अनेक योजनाएं इस दिशा में काम कर रही हैं.”

उन्होंने कहा, “दलितों पर अत्याचार के कानून को हमने और कड़ा किया है. दलितों के अत्याचार से जुड़े मामलों की तेज सुनवाई के लिए स्पेशल कोर्ट का गठन किया जा रहा है.” ‘पिछड़ी जातियों को वर्गीकृत करने को आयोग बनेगा’

मोदी ने कहा कि सरकार ने पिछड़ी जातियों के सब-कैटेगराइजेश के लिए कमीशन के गठन का निर्णय भी किया है. सरकार चाहती है कि ओबीसी समुदाय में जो अति पिछड़े हैं, उन्हें सरकार और शिक्षण संस्थाओं में तय सीमा में रहते हुए आरक्षण का और ज्यादा फायदा मिले.

मोदी ने कहा, “न्यू इंडिया, मेक इन इंडिया, महिला सशक्तीकरण की भी बात की और कहा कि हम महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए भी निरंतर काम कर रहे हैं. स्वच्छ भारत अभियान के तहत बने देश में साढ़े 7 करोड़ शौचालय हो या फिर उज्जवला योजना के तहत दिए गए 4 करोड़ गैस कनेक्शन, इन्होंने महिलाओं के जीवन को आसान बनाने का काम किया है.”

जनसभा को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संबोधित किया. इससे पहले प्रधानमंत्री ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निजामुद्दीन-यूपी बोर्डर खंड पर खुली कार में रोड शो किया.