आईपीएल-11 : अंतिम लड़ाई के लिए तैयार चेन्नई-हैदराबाद

भारत में क्रिकेट का त्योहार मानी जाने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 11वां संस्करण 51 दिनों के बाद अपने अंत पर है. इस सीजन का फाइनल रविवार को यहां के वानखेड़े स्टेडियम में दो बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स और एक बार खिताब जीतने वाली सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा.

फाइनल में वे दो टीमें पहुंची हैं, जिन्होंने पूरी लीग में शानदार प्रदर्शन किया. चेन्नई ने पहले क्वालीफायर में हैदराबाद को मात देकर फाइनल में सीधे जगह बनाई थी तो वहीं हैदराबाद ने दूसरे क्वालीफायर में कोलकाता नाइट राइडर्स को मात देकर फाइनल का टिकट कटाया.

लीग स्टेज में चेन्नई ने पहला स्थान हासिल किया था और हैदराबाद दूसरे स्थान पर रही थी. पूरी लीग में दोनों टीमों का प्रदर्शन लाजबाव रहा है और दोनों टीमों ने कई ऐसे मैच जीते हैं जहां हार निश्चित लग रही थी. ऐसे में फाइनल मुकाबले के रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है.

फाइनल में अगर दोनों टीमों को देखा जाए तो चेन्नई का पलड़ा भारी लग रहा है, क्योंकि दो साल बाद वापसी करने वाली महेंद्र सिंह धोनी की इस टीम ने इस सीजन में हैदराबाद के खिलाफ तीन मैच खेले हैं और तीनों में उसे जीत मिली है.

लेकिन फाइनल अलग मैच और अलग दिन है. हैदराबाद में इतना दम है कि वह चेन्नई को चौथी जीत से रोक खिताब अपने नाम करने का माद्दा रखती है.

हैदराबाद की ताकत उसकी गेंदबाजी है, जिसने सीजन में छोटे से छोटे लक्ष्य का बचाव किया है. भुवनेश्वर कुमार, राशिद खान, शाकिब अल हसन और सिद्धार्थ कौल से सजा हैदराबाद का गेंदबाजी आक्रमण है, लेकिन इनके सामने धोनी, शेन वाटसन, अंबाती रायुडू और सुरेश रैना जैसे बल्लेबाज हैं.

इस मैच में सभी की नजरें राशिद पर होंगी. चेन्नई की राह में वो बहुत बड़ा रोड़ा साबित हो सकते हैं. राशिद ने अभी तक 16 मैचों में 21 विकटे अपने नाम किए हैं. पहले क्वालीफायर में उन्होंने चेन्नई के खिलाफ चार ओवरों में महज 11 रन देकर दो विकेट लिए थे.

चेन्नई की ताकत उसका संतुलित प्रदर्शन है. वह खेल के तीनों क्षेत्रों में मजबूत है. बल्लेबाजी में वाटसन और रायुडू ने उसे मजबूत बनाए रखा है. यह दोनों अमूमन सलामी बल्लेबाजी करने आते हैं, लेकिन पिछले मैच में धोनी ने फाफ डु प्लेसिस को वाटसन के साथ पारी की शुरुआत करने भेजा था जो सफल भी रहे. डु प्लेसिस ने ही अर्धशतकीय पारी खेल हैदराबाद के मुंह से जीत छीनते हुए चेन्नई को जीत दिलाई थी.

धोनी की आदत है कि वह ज्यादतर विजयी टीम में बदलाव नहीं करते हैं. ऐसे में फाफ और वाटसन पारी की शुरुआत करते देखे जा सकते हैं.

मध्यम क्रम में आईपीएल इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाज रैना हैं जो इस सीजन में अच्छी फॉर्म में है. वहीं धोनी का बल्ला भी जमकर बोल रहा है. निचले क्रम में चेन्नई के पास दो हरफनमौला खिलाड़ी हैं ड्वायन ब्रावो और दीपक चहर हैं.

गेंदबाजी में चेन्नई मजबूत है. लुंगी नगिदी, शार्दूल ठाकुर और चहर ने बीते मैचों से विपक्षी टीमों को परेशान किया है. स्पिन में रवींद्र जडेजा और हरभजन के कंधों पर जिम्मेदारी होगी.

वहीं हैदराबाद की सफलता उसकी गेंदबाजी पर निर्भर है हालांकि उसकी बल्लेबाजों ने भी अच्छा काम किया है. बल्लेबाजी में हैदराबाद का दारोमदार कप्तान केन विलियमसन पर टिका है. चेन्नई भी जानती है कि अगर विलियमसन का विकेट उसे जल्दी मिल गया तो हैदराबाद को वह बड़े संकट में डाल सकती है.

उनके अलावा शुरुआती मैचों में आउट ऑफ फॉर्म चल रहे शिखर धवन का बल्ला भी रंग में आ गया है. वहीं चोट से वापसी करने वाले रिद्धिमान साहा के आने से टीम को मजबूती मिली है.

मध्यम क्रम में शाकिब अल हसन और युसूफ पठान पर जिम्मेदारी होगी. विलियमसन ने पिछले मैच में मनीष पांडे को बाहर बैठाकर दीपक हुड्डा को टीम में जगह दी थी. फाइनल में भी दीपक खेलेंगे या मनीष की वापसी होगी यह मैच के दिन ही पता चलेगा.

टीमें (संभावितें) :

सनराइजर्स हैदराबाद : केन विलियमसन (कप्तान), भुवनेश्वर कुमार, शिखर धवन, शाकिब अल-हसन, मनीष पांडे, कार्लोस ब्रैथवेट, यूसुफ पठान, रिद्धिमान साहा (विकेटकीपर), राशिद खान, रिक्की भुई, दीपक हुड्डा, सिद्धार्थ कौल, टी. नटराजन, मोहम्मद नबी, बासिल थम्पी, के. खलील अहमद, संदीप शर्मा, सचिन बेबी, क्रिस जोर्डन, तन्मय अग्रवाल, श्रीवत्स गोस्वामी, बिपुल शर्मा, मेहेदी हसन और एलेक्स हेल्स.

चेन्नई सुपर किंग्स : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान/विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, सुरेश रैना, ड्वायन ब्रावो, शेन वाटसन, अंबाती रायुडू, मुरली विजय, हरभजन सिंह, फाफ डु प्लेसिस, सैम बिलिंग्स, दीपक चहर, लुंगी नगिदी, के.एम. आसिफ, कनिष्क सेठ, मोनू सिंह, ध्रुव शोरे, क्षितिज शर्मा, चैतन्य बिश्नोई, कर्ण शर्मा, इमरान ताहिर, शार्दूल ठाकुर, एन. जगादेसन.