इस शनि मंत्र से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलती है

शनिवार का दिन शनिदेव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. शनि की साढ़ेसाती हो या शनि की ढैय्या इन सबसे मुक्ति पाने के लिए शनिवार विशेष शुभ साबित होता है.
शनिदेव जिसके ऊपर प्रसन्न हो जाते हैं उसे हर काम में जबरदस्त सफलता मिलती है. यदि आप भी शनिदेव को प्रसन्न कर शुभ फल पाना चाहते हैं तो आज का दिन आपके लिए बेहद शुभ है.

ऐसे करें शनिदेव की आराधना
शनिदेव की कृपा पाने के लिए शनिवार को स्नानादि कर्मों से निवृत्त होकर किसी शनि मंदिर या नवग्रह मंदिर में जाएं. यदि सुबह का समय हो तो अति शुभ है. अगर आप सुबह के समय जाने में असमर्थ हैं तो संध्या के समय भी स्नानादि से निवृत होकर जा सकते हैं.

सर्प्रथम मंदिर में शनिदेव की मूर्ति के सामने काले रंग के आसन स्थापित उसपर बैठ जाएं. इसके बाद विधि पूर्वक शनिदेव की पूजा करें. यदि आप मंदिर या घर दोनों जगह शनिदेव की पूजा करने में सक्षम न हों तो लकड़ी की चौकी पर काला कपड़ा बिछाएं और उस पर शनिदेव की फोटो रखें, फिर उसके सामने बैठकर शनिदेव की पूजा करें.
शनिदेव की पूजा के समय यह ध्यान रखें कि आपका मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए. इसके बाद शनिदेव को तेल, काले तिल, उड़द, नीले फूल, काला वस्त्र आदि शनिदेव को अर्पित करें. शनिदेव को किसी किसी चीज का भोग लगाएं. इस के बाद शनि मंत्र का 108 बार जाप करें.

शनि मंत्र
ॐ सूर्यपुत्रों दीर्घदेहोविशालाक्ष: शिवप्रिय:.
मन्दचार प्रसन्नात्मा पीड़ा दहतु मे शनि:..
शास्त्रीय मान्यताओं क अनुसार विधि पूर्वक इस शनि मंत्र का जाप करने से शनिदेव प्रसन्न होते है और शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलाती है.