अगर आप की हथेली का ‘बुध पर्वत’ है ऐसा, तो समझिए सफलता और तरक्की होगी जबरदस्त

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली का मंगल पर्वत व्यक्ति के सफलता को दर्शाने वाला माना जाता है. हथेली में मंगल पर्वत दो स्थानों पर स्थित होता है. हथेली में एक मंगल पर्वत जीवन रेखा के ऊपर वाले भाग के नीचे होता है.

दूसरा मंगल पर्वत उसके विपरीत हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच मे स्थित होता है. हथेली का पहला मंगल व्यक्ति की व्यक्ति की शारीरिक क्षमताओं और विशेषताओं को दर्शाता है.

हथेली का बुध पर्वत
इसके अलावा हथेली का दूसरा मंगल पर्वत व्यक्ति की मानसिक क्षमताओं को दर्शाता है. हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार यदि बुध पर्वत से निकलकर कोई रेखा मंगल पर्वत पर जाए तो ऐसे व्यक्ति की सफलता और उन्नति का ठिकाना नहीं रहता है.

लेकिन मंगल पर्वत से निकलकर कोई रेखा यदि बुध पर्वत जा रही हो तो व्यक्ति बहुत शातिर दिमाग का माना जाता है. ऐसा व्यक्ति अपराधी प्रवृति का भी हो सकता है. हथेली का एक पर्वत बुध पर्वत के नाम से जाना जाता है. यह पर्वत हथेली की छोटी उंगली से लेकर हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच का स्थान है.हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार यह क्षेत्र यदि समान रूप में उन्नत हो तो व्यक्ति विज्ञान की दुनिया में अधिक रुचि रखने वाला होता है.

बुध पर्वत यदि उन्नत और शुभ स्थिति में है तो व्यक्ति कंप्यूटर, तकनीक आदि से जुड़े क्षेत्रों में अत्यधिक तरक्की हासिल करता है. इतना ही नहीं ऐसे लोग धन-संपत्ति के मामले में भी अपार सफलता प्राप्त करते हैं.
व्यक्ति को और भी अधिक सफलता और तरक्की तब हासिल होती है जब बुध पर्वत से कोई रेखा निकलकर सूर्य पर्वत पर जाती है.