अब कांग्रेस ने गोवा और मणिपुर में किया सरकार बनाने का दावा पेश किया

शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को कर्नाटक विधानसभा में शनिवार शाम चार बजे बहुमत साबित करने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले कर्नाटक में 104 सीटें जीतने वाली भाजपा को राज्यपाल ने सरकार बनाने का आमंत्रण दिया था. भाजपा का दावा था कि वह राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए सरकार बनाने का मौका उसे पहले मिलना चाहिए. अब उसके इसी बयान को आधार बनाकर दूसरे राज्यों जैसे, बिहार, गोवा और मणिपुर में भी कांग्रेस ने खुद को सिंगल लार्जेस्ट पार्टी बताते हुए सरकार बनाने का दावा पेश किया.

कर्नाटक से पहले गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव हुए थे. उन चुनावों में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन भाजपा ने दूसरी पार्टियों से गठबंधन कर सरकार बना ली थी. इसी को आधार बनाकर गोवा में शुक्रवार को 13 कांग्रेसी विधायकों ने राजभवन में गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा से मुलाकात की. उन्होंने एक मेमोरेंडम राज्यपाल को सौंपा और कहा कि कांग्रेस राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे सरकार बनाने का मौका मिले.

दूसरी मणिपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यममंत्री इबोबी सिंह ने भी इसी मुद्दे पर राज्य के राज्यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात की. बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इबोबी सिंह ने कहा, राज्यपाल ने हमे शनिवार शाम तक रुकने के लिए कहा है. कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट हो जाने के बाद वह देखेंगे आगे क्या करना है. हमें उम्मीद है कि राज्यपाल हमारे साथ न्याय भी करेंगे.इधर, बिहार में आरजेडी ने भी बिहार में सरकार बनाने की मांग की है. उसका कहना है कि वह राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है, इसलिए उसे राज्य में सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए.