कुमाऊं के पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में अंधड़-बारिश ने किया परेशान

उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में बुधवार शाम मौसम अचानक बदल गया. हालांकि पहाड़ों में दिन में भी कुछ जगह बादल छाए हुए थे, लेकिन शाम होते-होते पहाड़ से लेकर भावर और तराई को अंधड़ ने हिलाकर रख दिया. दो घंटे की मूसलधार बारिश जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर गई. पिथौरागढ़ व अल्मोड़ा के कई स्थानों पर हिमपात हुआ तो किसानों के बचे अरमानों पर ओलावृष्टि ने पानी फेर दिया. अधिकांश स्थानों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया, जिसमें कई लोगों के जख्मी होने की सूचना है.

हल्द्वानी समेत आसपास के क्षेत्र में शाम को अचानक आसमान में बादल उमडऩा शुरू हो गया. शाम करीब पौने छह बजे तेज अंधड़ व बरसात शुरू हो गई. रामपुर रोड पर स्वराज माजदा के शोरूम के सामने अंधड़ से यूकेलिप्टस का विशाल पेड़ गिरा और जीतपुर नेगी निवासी सोनिया (22 वर्ष) इसकी चपेट में आ गई. अंधड़-बरसात के बीच देवलचौड़ खाम निवासी किसान प्रमोद दरम्वाल ने तुरंत घर से ट्रैक्टर लाकर लोगों की मदद से घायल सोनिया को निकाला. उसके साथ घर लौट रही ओमवती (18 वर्ष) भी मामूली जख्मी हुई है.

इंदिरानगर में छत की टिन उड़ने से चपेट में आई नाजरीन (13 वर्ष) घायल हो गई. एसडीएम एपी वाजपेयी और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज उपाध्याय घायलों का हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे. बरेली रोड पर पेड़ गिरने से तीनपानी में तीन कारें, रामपुर रोड पर देवलचौड़ के पास एक कार क्षतिग्रस्त हो गई. कालाढूंगी रोड पर कमलुवागांजा में दो लोग मामूली जख्मी हुए. नगर निगम के सामने यूनिपोल टूटने से नैनीताल हाईवे जाम हो गया. प्रशासन की टीमों ने सड़कों पर टूटकर गिरे सभी पेड़ हटाए.

धौलादेवी विकासखंड के अनेक भागों में देर शाम भयंकर ओलावृष्टि शुरू हो गई. आधे घंटे से अधिक समय तक ओलों की बारिश रही. खेतों में लगे मिर्च, बैंगन, भिंडी आदि सब्जी के पौधे सब नष्ट हो चुके हैं. आम और नींबू प्रजाति के फलदार पेड़ों में काफी नुकसान होने के आसार हैं.