58 की उम्र में 46 किमी पैदल चलकर गौमुख पहुंचे मुख्य सचिव उत्पल कुमार, लिया जायजा

गंगोत्री ग्लेशियर में आ रहे बदलावों का जायजा लेने के लिए उत्तराखंड के मुख्य सचिव 46 किलोमीटर पैदल चलकर वहां पहुंचे. बता दें कि मुख्य सचिव उत्पल कुमार 58 वर्ष के हैं. इस दौरान उन्होंने गंगा के उद्गम क्षेत्र में सफाई का विशेष ध्यान रखने व कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त ट्रैक को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए.

गंगोत्री ग्लेशियर के मुहाने गोमुख में पूर्व में हुए भूस्खलन को देखते हुए उन्होंने जल्द भोजवासा में ट्राली लगाकर ट्रैकर्स एवं पर्वतारोहियों की सुरक्षित आवाजाही के इंतजाम करने को कहा. 23 किमी (46 किमी आना-जाना) गंगोत्री-गोमुख-तपोवन पैदल ट्रैक का निरीक्षण करते हुए मुख्य सचिव लौट आए हैं.

रविवार को मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह गंगोत्री से चीड़वासा होते हुए भोजवासा पहुंचे. इस दौरान उन्होंने देवगाड़, भुजगढ़ी आदि स्थानों पर क्षतिग्रस्त ट्रैक को दुरुस्त कराने को कहा. भोजवासा में रात्रि विश्राम के बाद सोमवार को वे गोमुख पहुंचे.

यहां पिछले साल हुए भूस्खलन से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया. पूर्व में यहां भूस्खलन से झील बनने से खतरे की आशंका को मुख्य सचिव ने खारिज किया. हालांकि ग्लेशियर की सेहत और पर्यटकों की सुरक्षित आवाजाही के लिए उन्होंने जल्द भोजवासा में गंगा भागीरथी पर ट्राली लगाने के निर्देश दिए.

दुर्गम ट्रैक तय कर मुख्य सचिव तपोवन पहुंचे. यहां उन्होंने मौनी बाबा नागर दास व स्वामी विजय महाराज से मुलाकात कर क्षेत्र के बारे में जानकारी हासिल की. सोमवार को ही मुख्य सचिव गंगोत्री लौटे. मुख्य सचिव ने 48 किमी का यह ट्रैक पैदल ही तय किया. गंगोत्री में उन्होंने सीवर लाइन और बस अड्डे का भी निरीक्षण किया.

हर्षिल में रात्रि विश्राम के बाद मुख्य सचिव मंगलवार को उत्तरकाशी होते हुए देहरादून लौट गए. मुख्य सचिव के साथ डीएम डॉ. आशीष चौहान, गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक श्रवण कुमार, वन क्षेत्राधिकारी पीएस पंवार, जयप्रकाश पंवार आदि मौजूद रहे.

मुख्य सचिव के साथ तपोवन का दौरा कर लौटे गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि गंगोत्री ग्लेशियर की सेहत और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए भोजवासा में ट्राली लगाया जाना जरूरी है. चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से इसकी अनुमति मिल चुकी है. सोमवार को स्वयं मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी इसके निर्देश दिए हैं. जल्द ही यहां लोनिवि के तकनीकी मार्गदर्शन में 11 लाख रुपये लागत से 105 मीटर लंबी ट्रॉली लगायी जाएगी. उन्होंने बताया कि तपोवन तक पहुंचने वाले ये राज्य के पहले मुख्य सचिव हैं.