राजस्व के मोर्चे पर मोदी सरकार के ‘अच्छे दिन’, GST संग्रह 1 लाख करोड़ के पार

वित्त मंत्री अरूण जेटली -फाइल फोटो

राजस्व के मोर्चे पर सरकार के लिए अच्छी खबर है. चालू वित्त वर्ष के पहले महीने में जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा है. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस उपलब्धि को मील का पत्थर करार दिया है. उनका कहना है कि यह आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि का सबूत है.

वित्त मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2018 में जीएसटी संग्रह 1,03,458 करोड़ रुपये रहा जो किसी भी महीने में अब तक का सर्वाधिक है. अप्रैल में सीजीएसटी संग्रह 18,652 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 25,704 करोड़ रुपये, क्षतिपूर्ति सैस 8,554 करोड़ रुपये और आइजीएसटी 50,548 करोड़ रुपये आया. आइजीएसटी के रूप में जुटायी गयी 50,548 करोड़ रुपये की राशि में 21,246 करोड़ रुपये आयात पर आइजीएसटी के भी शामिल हैं. इसी तरह सैस की 8,554 करोड़ रुपये की राशि में से 702 करोड़ रुपये की राशि आयातित उत्पादों पर सैस के रूप में जुटाई गई.

इस साल मार्च में जीएसटी संग्रह 89,264 करोड़ रुपये था. एक जुलाई 2017 से जीएसटी पूरे देश में लागू हुआ. वित्त वर्ष 2017-18 में जीएसटी से सरकारी खजाने में 7.41 लाख करोड़ रुपये राजस्व आया.

सरकार का कहना है कि जीएसटी संग्रह में सुधार की वजह बेहतर अनुपालन और अर्थव्यवस्था में वृद्धि होना है. हालांकि लोग वित्त वर्ष के अंत में पिछले महीनों का बकाया कर भी जमा करते हैं, इसलिए अप्रैल 2018 के जीएसटी संग्रह के आंकड़ों को भविष्य के ट्रेंड के तौर पर नहीं लिया जा सकता.

मंत्रालय के अनुसार आइजीएसटी के सेटलमेंट के जरिए अप्रैल में केंद्र को सीजीएसटी के रूप में 32,493 करोड़ रुपये और राज्यों को एसजीएसटी के रूप में 40,257 करोड़ रुपये मिले हैं.

जहां तक रिटर्न दाखिल होने की बात है तो मार्च महीने के लिए 30 अप्रैल तक 69.5 प्रतिशत व्यापारियों ने जीएसटीआर-3बी दाखिल किया है. मार्च में 87.12 लाख कारोबारियों को रिटर्न दाखिल करना था जिसमें से 60.47 लाख ने रिटर्न भरा. वहीं जनवरी-मार्च तिमाही के लिए 19.31 लाख कंपोजीशन डीलरों को रिटर्न दाखिल करना था, जिसमें से 11.47 लाख ने तिमाही रिटर्न दाखिल किया है और 579 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया है जो में आए 1.03 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी के आंकड़े में शामिल है.

जीएसटी के ताजा आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जेटली ने कहा कि आर्थिक माहौल बेहतर होने, ई-वे बिल के क्रियान्वयन और जीएसटी अनुपालन बेहतर होने से जीएसटी संग्रह में यह सकारात्मक ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा. जेटली ने इस उपलब्धि के लिए सभी करदाताओं, जीएसटी काउंसिल के, केंद्र सरकार और राज्य सरकार के अधिकारियों को बधाई भी दी है.