दिल्ली के पूर्व कांग्रेस विधायक सहित पांच के खिलाफ उत्तराखंड में केस दर्ज, ये है पूरा मामला

दिल्ली के पूर्व विधायक और पांच अन्य लोगों के खिलाफ उत्तराखंड में मुकदमा दर्ज कियी गया है. रामानंद इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी, मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी के चेयरमैन और निरजनी अखाड़े के महंत रविंद्र पुरी ने दिल्ली के पूर्व विधायक सुरेंद्र कुमार और इंस्टीट्यूट के पूर्व कर्मचारी दीपक कुमार राज उसकी पत्नी मंजू समेत पांच लोगों की नामजद गबन व हत्या की धमकी देने का मामला कोतवाली ज्वालापुर में दर्ज कराया है.

महंत ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए आरोपियों पर अखाड़े और इंस्टीट्यूट पर कब्जा करने की आशंका भी जताई है. सोमवार को कोतवाली ज्वालापुर में मुकदमा दर्ज कराते हुए चेयरमैन रविंद्र पुरी ने बताया कि वह अखाड़े के महंत रामानंद पुरी इंस्टीट्यूट का संचालन करते थे.

उनके सहायक पद पर कार्यरत रहे दीपक कुमार राज पुत्र रूप राव निवासी जुर्स कंट्री हरिद्वार ने संस्थान को बंद कराने की नीयत से महंत रामानंद पुरी के हस्ताक्षर वाले कई चेक गिरवी रखकर बैंकों से ऋण ले लिया, जिसका इस्तेमाल वह निजी प्रयोग में करता रहा.

आरोप है कि उसने खुद को संस्थान का अधिकृत पदाधिकारी बताते हुए खाते खुलवा लिए थे. इसकी पुष्टि उनकी एक टीम की जांच में हुई है. आरोप है कि संस्थान की मनगढ़ंत ऑडिट रिपोर्ट, पदाधिकारियों, ऑडिटर और सीए के फर्जी हस्ताक्षर व मुहर से सोसायटी रजिस्ट्रार के यहां आरोपी दीपक की ओर से जमा कराई है.

संस्थान का रोहिणी दिल्ली में फ्लैट था. आरोपी ने इसे बैंक में गिरवी रखकर पैसा ले लिया. आरोप है कि उस फ्लैट को निर्मला पत्नी राजवीर निवासी बहादुरगढ़ हरियाणा को बेचकर खुर्द-बुर्द कर दिया, जबकि रजिस्ट्री बैंक में बंधक है. संस्थान उस ऋण को चुकता कर रहा है. आरोप है कि 20 मार्च को दीपक राज, उसकी पत्नी मंजू, दिल्ली का पूर्व कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुमार, नीलम निवासी देहरादून, पुरुषोत्तम लाल शर्मा निवासी बेरी जिला झज्जर हरियाणा अपने चार अज्ञात साथियों की मदद से महंत रामानंद पुरी को अपने साथ लाए थे.

आरोप है कि अब वह महंत को ब्लैकमेल कर बवाना दिल्ली स्थित आश्रम, भीमेश्वरी मंदिर बेरी हरियाणा, ब्रज घाट गढ़मुक्तेश्वर पर कब्जा कर खुर्द-बुर्द करने की फिराक में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पीछे आरोपियों ने बदमाश लगाए हुए हैं, जो लगातार उनका पीछा कर रहे हैं. महंत रविंद्रपुरी ने आशंका जताई कि यह लोग उनकी हत्या करा सकते हैं. इनका मकसद इंस्टीट्यूट और अखाड़े की संपत्तियों पर कब्जा करना है. ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.