यह खबर रुला देगी, जब एक साथ उठीं 13 मासूमों की अर्थियां

हिमाचल प्रदेश के खुवाड़ा गाँव का दुखद दृश्य

हिमाचल प्रदेश के नूरपुर कस्बे के खुवाड़ा गांव में अपने जिगर के टुकड़ों को विदाई देते हुए हर आंख नम थी.कल तक सुबह स्कूल ड्रेस में तैयार होकर जा रहे बच्चे आज कफन में लिपटे थे और स्कूल बस तक छोड़कर आने वाले हाथ कांपते हुए उन्हें अंतिम यात्रा पर ले जा रहे थे.किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि वक्त की गाज उन पर ऐसी गिरेगी कि एक पल में उनके मासूमों को छीन लेगी.हर कोई कह रहा था कि किस्मत आखिर इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है.

यह दर्द कितना ज्यादा और जख्म इतना गहरा था कि परिजनों को सांत्वना देने वाले खुद बिलख-बिलख कर रोने लगते.श्मशान घाट पर गांव के सभी 13 मासूमों को एक साथ मुखाग्नि दी गई.सोमवार को स्कूल बस के खाई में गिरने से 23 बच्चों समेत 27 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें 13 बच्चे खुवाड़ा के ही थे.सभी बच्चों के शव जब शाम तक गांव पहुंचे तो हर घर में मातम छा गया.इतने सारे घरों के चिरागों के लिए रोते परिजनों को जिसने देखा, उसका कलेजा मुंह को आ गया।

हादसे में गांव की एक 21 साल की लड़की की जान भी चली गई.उसकी जल्द ही शादी होने वाली थी.बच्चों को अंतिम विदाई देने खुवाड़ा के साथ ही दूसरे गांवों से भी हजारों लोगों की भीड़ उमड़ी थी.किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि एक साथ 13 बच्चों की जान चली गई.गांव के ही राजीव कुमार ने कहा कि कभी सोचा नहीं थी कि किस्मत इतनी निर्दयी होगी.