पीएम मोदी आज बिहार दौरे पर, तीन विकास योजनाओं का किया उद्धाटन

चंपारण सत्याग्रह की भूमि मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान से मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार और देश की जनता को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं. वे देश के चार लाख स्‍वच्‍छाग्रहियों को संबोधित कर रहे हैं. कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए तकरीबन 20,000 स्वच्छाग्रही उपस्थित हैं. मोतिहारी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वे वहां दो घंटे रहेंगे.

कार्यक्रम स्थल पर ही प्रधानमंत्री 13 जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक में स्वच्छता अभियान की समीक्षा करेंगे. वे कई योजनाओं का करेंगे शिलान्यास व उद्घाटन भी करेंगे. मोदी के साथ मंच पर बिहार के राज्यपाल सत्य पाल मलिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी मौजूद रहेंगे.

इसके पहले सोमवार को राज्य व केंद्र सरकार के अधिकारियों की टीम ने कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया. देर शाम जांच के बाद एसपीजी ने गांधी मैदान को अभिरक्षा में ले लिया.

चंपारण के इतिहास में यह नया अध्याय जुड़ रहा है जब बापू के सत्याग्रह की भूमि से देश के प्रधानमंत्री स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं. प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मोतिहारी में विशेष इंतजाम किए गए हैं. पूरे शहर में सत्याग्रह से स्वच्छताग्रह के नारे लिखे गए हैं. बैनर-झंडों में भी यही संदेश चारो ओर लगाए गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में संबोधन आरंभ किया. भोजपुरी में ही कहा कि महात्‍मा गांधी ने चंपारण के बड़हरवा लखनसेन से स्‍वच्‍छता अभियान की शुरूआत की थी. उन्‍होंने आगे कहा…
इतिहास खुद को दोहराता है. सौ वर्ष पहले का इतिहास फिर साक्षात मौजूद है. मेरे सामने वो स्‍वच्‍छाग्रही बैठे हैं, जिनके भीतर गांधी विराजमान हैं. मैं उनको प्रणाम करता हूं.

चंपारण की धरती पर सौ साल पहले दुनिया ने ऐसा आंदोलन देखा था. आज फिर दुनिया इस आंदोलन को देख रही है. चंपारण से मेरा पुराना नाता है. सौ साल में भारत की तीन कसौटियों के समय बिहार ने देश को रास्‍ता दिखाया. जब देश गुलामी की जंजीरों में जकड़ा था तब बिहार ने मोहन दास करमंचद गांधी ने बापू बना दिया था, महात्मा गांधी बना दिया था. जब देश के लोकतंत्र पर संकट आया तो इसी धरती के लाल ने लोकतंत्र को बचा लिया था.

नीतीश और सुशील मोदी के नेतृत्‍व में बिहार ने जो कर दिखाया, सभी के हौसले बुलंद कर दिया. बीते एक सप्‍ताह में बिहार में आठ लाख से अधिक शैचालय बनाने का काम पूरा किया गया. यह गति व प्रगति कम नहीं है. बिहार जल्‍द ही स्‍वच्‍छता का दायरा बढ़ाकर राष्‍ट्रीय औसत पाने में सफल हो जाएगा.

गांधी जी ने सत्‍याग्रह के साथ स्‍वच्‍छता के लिए भी प्रेरित किया. उन्‍होंने शिक्षा पर भी जोर दिया. आजादी के बाद इसपर ठीक से अमल नहीं हुआ. गांधीजी के बाद स्‍वच्‍छता को अगी किसी ने ठीक से उठाया तो वे लोहिया थे. हमें स्‍वच्‍छता के लिए समर्पित होना पढ़ेगा. हमने बिहार में इसके लिए विशेष अभियान चलाया है.

इसके अलावा हर घर नाली व स्‍वच्‍छ पेयजल को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है. स्‍वच्‍छता को लेकर अभियान से ही प्रगति होगी. बिहार के स्‍कूलों में गांधी के विचारों से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा. स्‍कूलों में उनकी कथाएं पढ़ाई जाएंगी. अगर नई पीढ़ी का 10 फीसद भी गांधी के विचारों को अपना ले तो समाज व देश बदल जाएगा.
प्रधानमंत्री ने रिमोट से स्‍वच्‍छाग्रही ई-बुक का लोकार्पण किया.