साहित्यकार भगवती प्रसाद नौटियाल का निधन

साहित्यकार व समीक्षक भगवती प्रसाद नौटियाल का हरिद्वार रोड स्थित कैलाश अस्पताल में आकस्मिक निधन हो गया. वह 87 साल के थे. पिछले दस दिनों से वह फेफड़े की बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती थे. इस दौरान उन्हें दो बार वेंटीलेटर पर भी रखा गया.

उनके निधन की सूचना पर हिंदी-आंचलिक साहित्यकार, संस्कृतिकर्मियों ने उनके परिजनों से मिलकर दुख जताया है. मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में कर दिया गया. मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के गौरी कोट इडवालस्यूं पट्टी निवासी भगवती प्रसाद नौटियाल को एक अप्रैल को उनके परिजनों ने छाती में संक्रमण की शिकायत पर कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था.

जहां उन्हें दो बार आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया. बीच में उन्हें एक बार सामान्य वार्ड में भी ले आया गया था. डॉक्टरों की सलाह पर परिजन उन्हें घर लाने की भी सोच रहे थे. उनके निधन के समय उनकी बेटी कुसुम नौटियाल, बेटे वीरेन्द्र व धीरेन्द्र आदि उनके साथ ही थे.

भगवती प्रसाद लोकसभा के केन्द्रीय पुस्तकालय के बाद डेपुटेशन पर एनएनजी के डॉक्यूमेंटेंशन विभाग में गए, उन्होंने कुछ समय गांधी शांति प्रतिष्ठान में भी काम किया.