भारत की आसमानी सुरक्षा होगी और चाक-चौबंद, 114 लड़ाकू विमान खरीदेगा भारत

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार को बड़ा कदम उठाते हुए अपनी फ्लीट में 114 लड़ाकू विमानों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इससे देश की दुश्मन पर हमले की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी.

मिली जानकारी के अनुसार इन लड़ाकू विमानों के संयुक्त रूप से उत्पादन के सिलसिले में विदेशी कंपनियों से आरएफआइ (सूचना प्रेषित करने) वाली निविदाएं मांगी गई हैं. विमान को बनाने का कार्य भारतीय और विदेशी कंपनियां मिलकर करेंगी. दोनों के बीच समझौता हाल ही में घोषित रणनीतिक साझेदारी के तहत होगा. इसके तहत विदेशी कंपनी को भारत को तकनीक का हस्तांतरण भी करना होगा.

वायुसेना पूरी प्रक्रिया को तेजी से अंजाम देना चाहती है, जिससे उसके पुराने पड़ते विमानों के रिटायरमेंट से पहले नए विमान मिलने शुरू हो जाएं. पाकिस्तान से रोजाना की तनातनी और चीन सीमा पर बदल रहे माहौल के मद्देनजर वायुसेना खुद को हर परिस्थिति के लिए चाक-चौबंद रखना चाहती है.

वैसे जरूरत के समय दो मोर्चों पर अभियान छेड़ने के लिए भारत ने तैयारी शुरू कर दी है. इसी के चलते सितंबर 2016 में भारत ने फ्रांस के साथ 59 हजार करोड़ रुपये में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद का सौदा किया है. भारतीय वायुसेना दो इंजन वाले इस फ्रांसीसी विमान की 36 प्लेन की एक और खेप खरीदना चाहती है, लेकिन अभी तक सरकार ने उस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया है.