मप्र : दलित आंदोलन की हिंसा में अब तक 7 की मौत, कर्फ्यू जारी

एससी/एसटी कानून को नरम करने वाले सुप्रीमकोर्ट के आदेश के खिलाफ सोमवार को भारत बंद के दौरान मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या सात हो गई है.

वहीं, सोमवार से लगाया गया कर्फ्यू मंगलवार को भी जारी है.साथ ही रेल यातायात पर भी असर बना हुआ है.ग्वालियर में 50 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है.

राज्य के ग्वालियर-चंबल संभाग में मंगलवार को भी तनाव के हालात बने हुए हैं.यही कारण है कि ग्वालियर के तीन, भिंड के पांच थाना क्षेत्रों और मुरैना में कर्फ्यू जारी है.भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है.अर्ध सैनिक बलों को भी सुरक्षा के लिए बुलाया गया है.इसके बावजूद भी कुछ स्थानों से पथराव और तनाव की खबरें आ रही हैं.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर और भिंड में तीन-तीन और मुरैना में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है.सौ से ज्यादा लोग घायल हैं.घायलों में पुलिस के जवान भी हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है.भिंड में सांसद भागीरथ प्रसाद के आवास पर भी पथराव हुआ है.

ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने मंगलवार को मीडिया को बताया कि पुलिस ने 50 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है.उनसे पूछताछ की जा रही है.वहीं पुलिस हालात पर नजर बनाए हुए है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और राज्य के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने प्रदेशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

इस आंदोलन के चलते रेल यातायात पर काफी असर पड़ा है.दिल्ली की ओर से आने वाली अधिकांश गाड़ियां पांच से 10 घंटे की देरी से चल रही हैं.राज्य के ग्वालियर, बीना, भोपाल, इटारसी रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ है.