टला बड़ा हादसा ,चीन का स्पेस लैब ‘टियांगोंग-1’ क्रैश होकर प्रशांत महासागर में आकर गिरा

सोमवार (2 अप्रैल) को चीन का निष्क्रिय हो चुका अनियंत्रित स्पेस स्टेशन टियांगोंग-1 क्रैश हो गया. स्पेस स्टेशन टूटकर दक्षिण प्रशांत महासागर में आकर गिरा है. हालांकि वैज्ञानिकों ने कहा है कि टियांगोंग-1 के गिरने की सही जगह बता पाना मुश्किल है.

गनीमत रही कि इस स्पेश स्टेशन के गिरने से किसी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. चीन के स्पेस इंजीनियरिंग ऑफिस के मुताबिक 8 टन वजनी टियांगोंग-1 का ज्यादातर हिस्सा समुद्र में गिरने से पहले ही जल गया था. वैज्ञानिकों ने भी स्पेस स्टेशन के धरती पर आने से किसी भी नुकसान की आशंका से इनकार किया था.

टियांगोंग-1- ‘हैवेनली पैलेस’ को सितंबर 2011 में कक्ष में स्थापित किया गया था, जो चीन का अपना एक अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में अति महत्त्वपूर्ण कदम था. इस स्थिति के लिए लोग सोशल मीडिया पर चीनी सरकार की आलोचना कर रहे हैं.

इस अंतरिक्ष स्टेशन को चीनी अंतरिक्ष एजेंसी चाइना नेशनल स्‍पेस एडमिनिस्‍ट्रेशन (CNSA) ने 29 सितंबर, 2011 को लॉन्च किया था. इसका वजन 8.5 टन बताया जा रहा था. इसकी लंबाई 10 मीटर और चौड़ाई 3 मीटर थी. यह तियांगोंग प्रोग्राम का हिस्‍सा था और इस प्रोग्राम का पहला सक्रिय हिस्‍सा भी था.

समाचार एजेंसी ‘एफे’ के मुताबिक, अंतरिक्ष केंद्र के गिरने का अनुकरण करने वाले अंतर्राष्ट्रीय अभियान का प्रबंधन करने वाली पेरिस स्थित एजेंसी ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष केंद्र के पृथ्वी के वायुमंडल में वापसी के समय और स्थिति में लगातार तीव्र परिवर्तन हो रहा है.

एजेंसी के मुताबिक, अंतरिक्ष केंद्र के टुकड़ों से किसी को खतरे की संभावना कम है. ईएसए ने बताया कि 2011 में लांच किया गया तियांगोंग-1 मार्च 2016 में काम करना बंद कर दिया था. एजेंसी के मुताबिक, इसके पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश नियंत्रित नहीं होगा. तियांगोंग के पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश पर यह बिखर जाएगा और इसके कुछ ही हिस्से धरातल पर पहुंचेंगे। लेकिन ये हिस्से समुद्र में या निर्जन क्षेत्र में गिरेंगे.