किसी भी हालत में अपने बच्‍चों को दोबारा परीक्षा के लिए न बैठने दें : राज ठाकरे

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सीबीएसई का 10वीं कक्षा का गणित का और 12वीं कक्षा का इकॉनोमिक्स का पेपर लीक होने के संबंध में 10 और लोगों से पूछताछ की और बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक से बातचीत की. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सीबीएसई ने यह भी कहा है कि उसके अध्यक्ष को 10 वीं कक्षा का गणित का पेपर लीक होने के बारे में परीक्षा से एक दिन पहले एक ई-मेल मिला था. गणित और इकॉनोमिक की परीक्षा क्रमश: 28 मार्च और26 मार्च को हुई थी.

जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने मामले के संबंध में कल तक एक कोचिंग सेंटर के मालिक, 18 छात्रों और ट्यूशन पढ़ाने वाले कुछ शिक्षकों समेत 35 लोगों से पूछताछ की. उन्होंने बताया कि पुलिस ने सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक से दो घंटे तक बातचीत की ताकि परीक्षा कराने की प्रक्रिया समझी जा सके. अधिकारी ने बताया कि प्रश्न पत्र कैसे तैयार होता है, प्रश्न पत्र कहां रखे जाते हैं और विभिन्न परीक्षा केंद्रों तक उन्हें कैसे वितरित किया जाता है, इसके बारे में चर्चा की गई.

सीबीएसई पेपर लीक मामले में राजनीति भी गर्माती जा रही है. विपक्ष इस मुद्दे पर मोदी सरकार को निशाना बनाए हुए है. ऐसे में महाराष्‍ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्‍यक्ष राज ठाकरे ने भी पेपर लीक को लेकर शुक्रवार को नाराजगी जाहिर की और देशभर के अभिभावकों से कहा कि वे किसी भी हालत में अपने बच्‍चों को दोबारा परीक्षा के लिए न बैठने दें.

मनसे अध्‍यक्ष ने कहा, ‘यह सरकार की विफलता है. इसे बिना स्‍वीकार किए, वे क्‍यों चाहते हैं कि छात्र दोबारा से परीक्षा दें? मैं देशभर के अभिभावकों से अनुरोध करता हूं कि वे अपने बच्चों को किसी भी स्थिति में पुन: परीक्षा के लिए बैठने न दें.’

इस बाबत दिल्ली पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. इकॉनोमिक्स का पेपर लीक होने के संबंध में पहला मामला 27 मार्च को और गणित का पेपर लीक होने का मामला 28 मार्च को दर्ज किया गया. सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक की शिकायत पर ये मामले दर्ज किए गए. ये मामले आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में दर्ज किए गए हैं. गणित के पेपर से जुड़ी शिकायत पर बोर्ड ने कहा कि परीक्षा से एक दिन पहले सीबीएसई अध्यक्ष की आधिकारिक आईडी पर लीक के बारे में एक ई-मेल आया था.

उन्होंने बताया कि ईमेल भेजने वाले ने कहा था कि गणित का पेपर व्हाट्सएप पर लीक हो गया है और इसे रद्द किया जाना चाहिए. शिकायत के अनुसार, मेल में व्हाट्सएप पर कथित तौर पर लीक हुए गणित के पेपर की हाथ से लिखी प्रति भीअटैचमेंट के रूप में भेजी गई थी. मामले की जांच के लिए पुलिसके दो उपायुक्तों, चार सहायक पुलिस आयुक्तों और पांच निरीक्षकों का एक विशेष जांच दल गठित किया गया है. यह दल संयुक्त पुलिस आयुक्त( अपराध) की निगरानी में काम कर रही है.