बिहार: CCTV फुटेज के आधार पर दंगा भड़काने के आरोप में BJP नेता गिरफ्तार

रामनवमी के बाद भड़की हिंसा में कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, लेकिन भागलपुर में भड़की आग औरंगाबाद, समस्तीपुर, नालंदा होते हुए मुंगेर तक पहुंची. औरंगाबाद में फायरिंग हुई, जबकि नालंदा में पुलिस पर ही पथराव हुआ. हर जगह प्रशासन ने तनाव पर काबू पाया.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले दिनों बिहार दिवस के अवसर पर साफ शब्दों में कहा था कुछ लोग माहौल खराब करने में जुटे हैं, मगर हम ऐसा होने नहीं देंगे. सुशील मोदी ने भी साफ निर्देश दिये थे कि प्रशासन के बताए रूट पर ही जुलूस और विसर्जन यात्रा निकालें, भड़काऊ गाने मत बजाएं. लेकिन, भाजपा के लोगों ने ही अपने नेता की बातों को नजरअंदाज कर दिया.

रामनवमी के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने की कई जिलों में कोशिशें खूब हुईं, मगर लोगों की सूझबूझ और प्रशासन की सख्ती से नाकामयाब रही. तनावग्रस्त समस्तीपुर, औरंगाबाद, मुंगेर और नालंदा में हालात सामान्य हो गए हैं. समस्तीपुर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भाजपा के दो नेता समेत लगभग एक दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद की गई है.

जिले के एसपी दीपक रंजन ने बताया है कि कई लोगों की तलाश जारी है. उन्होंने कहा कि गिरफ्तार किए गए दिनेश कुमार झा वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं, जबकि दूसरे आरोपी मोहन पटवा फिलहाल भाजपा बुनकर प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं. इधर, भाजपा नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में रोसड़ा बाजार बंद किया गया है.