जल्द ट्रैक पर दौड़ेगी यह नई ट्रेन, बंद हो सकती है शताब्दी एक्सप्रेस

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के अनुसार यह ट्रेन दूसरे देशों में तैयार होने वाली ट्रेन से आधी कीमत में तैयार की गई है. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार पहली ‘ट्रेन 18’ में 16 चेयर कार कोच होंगे. ये एग्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव दोनों तरह के कोच होंगे. एग्जीक्यूटिव चेयर क्लास में 56 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी और नॉन-एग्जीक्यूटिव में 78 सीट होंगी. ट्रेन पूरी तरह से वातानुकूलित होगी. ट्रेन में वाई-फाई की भी सुविधा होगी.

रेलवे की तरफ से जल्द हाई स्पीड प्रीमियम ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस को रिप्लेस किया जा सकता है. इसकी जगह रेलवे की तरफ से सेमी हाई स्पीड ट्रेन ‘ट्रेन 18’ चलाई जाएगी. रेलवे की तरफ से जल्द इंटर-सिटी ट्रेन को लॉन्च किया जाएगा. ‘ट्रेन 18’ नाम से आने वाली नई रेलगाड़ी की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटा की होगी और इसमें वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी. ‘ट्रेन 18’ प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत तैयार की गई है. इसे ICF ने तैयार किया है.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस ‘ट्रेन 18’ में यात्रियों को इंटरनेट सुविधा देने का भी खासतौर पर ध्यान रखा गया है. पूरी ट्रेन में वाई-फाई कनेक्शन दिया गया है. दावा किया जा रहा है कि इसमें जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली भी है. ट्रेन में पर्यावरण का भी खासतौर पर ध्यान रखा गया है. ट्रेन 18 में शून्य निर्वहन जैव-वैक्यूम शौचालय (जीरो डिस्चार्ज बायो वैक्यूम टॉयलेट) होंगे. ट्रेन के आगे और पीछे दोनों तरफ ड्राइविंग केबिन होगा.

ट्रेन 18 के इंटीरियर को भी खासतौर से डिजाइन किया गया है. यह ट्रेन पूरी तरह से बुलेट ट्रेन की तरह अंतरराष्ट्रीय मानक पर खरी उतरेगी. ट्रेन में यात्रियों को हर तरह की सुविधा मिलेगी. भारत में निर्मित ट्रेन 18 के दरवाजे मेट्रो की तरह यात्रियों के आवागमन पर ऑटोमेटिक खुलेंगे और बंद होंगे. प्लेटफॉर्म से जैसे ही आप ट्रेन में प्रवेश करेंगे तो कोच के अंदर के दरवाजे आपके कदमों की आहट सुनते ही अपने आप खुलेंगे और बंद होंगे.

इतना ही नहीं ट्रेन के अंदर मॉड्यूलर टॉयलेट हैं. मेक इन इंडिया के तहत तैयार होने वाली यह ट्रेन जल्द दौड़ती दिखाई देगी. विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस इस ट्रेन में वाई-फाई के अलावा स्लाइडिंग डोर की भी सुविधा रहेगी. किसी भी सफर में लगने वाले समय में इस ट्रेन से 20 फीसदी तक कम समय लगेगा. दिव्यांग यात्रियों के लिए भी ट्रेन में खास सुविधाएं हैं, इसमें उनके लिए व्हीलचेयर की सुविधा होगी, ताकि वे खुद से टॉयलेट जा सकें.