रिटायर सांसदों के लिए मेरा दफ्तर हमेशा खुला है : पीएम मोदी

पीएम मोदी ने राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 40 सांसदों के विदाई के मौके पर राज्यसभा में भाषण देते हुए सबसे पहले सासंदों के उत्तम सेवाओं और योगदान के लिए शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि यह सदन उन वरिष्ठ महानुभावों का है, जिनका अनुभव सदन को अच्छा बनाता है. उन्होंने कहा वरिष्ठ सांसदों का अपना एक महत्व होता है और सभी ने अपनी उस भूमिका को निभाया है.

पीएम ने रिटायर हो रहे सांसदों से कहा कि आपके लिए सदन के दरवाजे बंद हुए हैं लेकिन मेरे दफ्तर का दरवाजा हमेशा खुला है. उन्होंने कहा देशहित और समाज कल्याण के लिए आपके सुझावों का हमेशा इंतजार रहेगा. सदन में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर मोदी ने कहा कि अगर सदन ठीक से चलता तो सांसदों को जाते-जाते कुछ बेहतर छोड़कर जाने का मौका मिलता, लेकिन हंगामे के कारण ऐसा हो नहीं पाया. उन्होंने कहा इसके लिए विपक्ष ही नहीं दोनों तरफ के सदस्य जिम्मेदार है.

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कुरियन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका हंसता हुआ चेहरा कोई नहीं भूल सकता. पीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रह चुके सचिन तेंदुलकर और दिलीप टर्की जैसे लोगों का अनुभव अब सदन को नहीं मिलेगा. इस मौके पर विपक्ष के वरिष्ठ नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद ने भी अपनी राय रखी उन्होंने कहा यह विदाई है जुदाई नहीं. यह तत्कालिक है. नेता कभी रिटायर नहीं होते हैं.