बॉल टैम्परिंग मामला : स्मिथ-वार्नर पर एक साल का बैन, कैमरुन बैनक्रॉफ्ट 9 महीने के लिए बैन

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच केपटाउन में तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन जब अफ्रीकी पारी का 43वां ओवर चल रहा था और मार्करम और एबी डिविलियर्स खेल रहे थे, उसी समय ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बेनक्रॉफ्ट एक चिप जैसी चीज के साथ कैमरे पर पकड़े गए. कहा गया कि ये गेंद की चमक उड़ाने वाली चिप है. इसे उन्होंने गेंद पर घिसा. हालांकि, मैदानी अंपायरों ने इस बारे में उनसे बातचीत की.

अंपायरों के पास जाने से पहले बैनक्राफ्ट को अपने अंत:वस्त्र में छोटी सी पीली चीज रखते हुए देखा गया था. जब अंपायर उनसे बात करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने पैंट की जेब में हाथ डालकर दिखाया और यह कोई दूसरी चीज थी. वह धूप के चश्मे को साफ करने के लिए मुलायम कपड़े जैसा लग रहा था.

इसके बाद कप्तान स्टीव स्मिथ और बेनक्राफ्ट ने इस पूरे मामले में अपनी गलती मान ली. तीसरे दिन का जब खेल खत्म हुआ तो उसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने इस बात को स्वीकार कर लिया. वहीं, बैनक्राफ्ट ने भी स्वीकार किया कि वह टेप से गेंद की शक्ल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे. ऑस्‍ट्रेलिया सरकार ने ऑस्‍ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड को स्टीव स्मिथ को कप्तानी से हटाने का आदेश दिया. ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मेल्कोन टर्नबुल ने इस पूरी घटना को शर्मनाक बताया. उन्होंने कहा ये भरोसा करना मुश्किल है, कि ऑस्ट्रेलियाई टीम ने ये कृत्य किया.

इसके बाद लगातार हो रही आलोचनाओं के बाद स्टीव स्मिथ ने टीम की कप्तानी और डेविड वार्नर ने तीसरे टेस्ट के लिए उपकप्तानी छोड़ दी. तब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड ने कहा, “हमने स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर से इस पूरे मामले पर बातचीत की. दोनों इस टेस्ट के लिए अपने अपने पद छोड़ने को तैयार हो गए.”

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्ट में बॉल टैम्परिंग विवाद में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपना फैसला सुना दिया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस मामले में स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को एक साल को लिए बैन कर दिया है. वहीं, गेंद से छेड़खानी करने वाले गेंदबाज कैमरुन बैनक्रॉफ्ट को 9 महीने के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बैन किया है. बता दें कि मामले की जांच के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे सीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम्स सदरलैंड ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि इस विवाद में शामिल कप्तान स्टीव स्मिथ, उप-कप्तान डेविड वार्नर और सलामी बल्लेबाज कैमरून बैनक्रॉफ्ट को सीए की आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाया गया है और इसलिए टेस्ट सीरीज से बाहर कर दिया गया है.

इस बैन का मतलब है कि डेविड वॉर्नर और स्टीवन स्मिथ भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी नहीं खेल पाएंगे. भारत को इस साल के आखिर में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना है, जहां वो 4 टेस्ट, 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेलेगी. तीनों आरोपी खिलाड़ियों को तुरंत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना किया जा चुका था. वहीं, टिम पेन टीम के कप्तान बने रहेंगे. साथ ही जेम्स सदरलैंड ने मुख्च कोच डैरेन लेहमन को क्लीनचिट दे दी है. सदरलैंड ने इस पूरे मामले के लिए माफी भी मांगी हैं.

क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने सदरलैंड के हवाले से लिखा, “क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपनी जांच में स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और कैमरून बैनक्रॉफ्ट को बॉल टैम्परिंग का दोषी पाया है. इन तीनों को टेस्ट सीरीज से बाहर करने का फैसला लिया है. कोच डैरेन लेहमन इस मामले में शामिल नहीं हैं इसिलए वह कोच पद पर बने रहेंगे. तीनों खिलाड़ी तुरंत ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होंगे.

केपटाउन में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में बैनक्रॉफ्ट को गेंद पर पीला टेप लगाते हुए कैमरे में कैद किया गया था. बाद मे स्मिथ और बैनक्रॉफ्ट ने यह बात मानी थी गेंद से छेड़खानी टीम की योजना थी. इसके बाद सीए ने स्मिथ और वार्नर को तीसरे टेस्ट मैच के बाकी दिनों से पदों से हटा दिया था. वहीं, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भी स्मिथ पर एक टेस्ट मैच का प्रतिबंध, पूरी मैच फीस का जुर्माना और बैनक्रॉप्ट पर मैच फीस का 75 फीसदी जुर्माना लगाया था.