रामनवमी के दूसरे दिन भी बिहार-पश्चिम बंगाल में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा, औरंगाबाद में 50 दुकानें फूंकीं

रामनवमी के अवसर पर शोभा यात्रा को लेकर रविवार को भी औरंगाबाद में दो गुटों में टकराव हुआ था. उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी थी और धीरे-धीरे हिंसा ने विकराल रूप ले लिया. कई दुकानों और एक दर्जन गाड़ियों को भी आग लगा दी गई थी. दावा है कि इस उपद्रव में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है और कई उपद्रवियों के घायल होने की भी सूचना मिली है.

इसके साथ ही बिहार के सिवान और गया में भी हिंसा हुई है. आरोप है कि सिवान के निजामपुर गांव में शनिवार को कुछ लोगों ने रामनवमी को शोभा यात्रा रोक दी थी. वहीं, पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी रविवार को शोभायात्रा के दौरान हिंसा की हुई है.

रामनवमी के दूसरे दिन भी बिहार और पश्चिमी बंगाल में कई जगहों पर हिंसा की खबरें सामने आईं. पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कुछ जगहों पर उपद्रवियों ने हिंसा फैलाने की कोशिश की. पर हिंसा से सबसे ज्यादा प्रभावित रहा बिहार का औरंगाबाद जिला. औरंगाबाद में सोमवार को रामनवमी की शोभायात्रा पर हुए कथित पथराव के बाद लोग भड़क उठे. आक्रोशित भीड़ ने करीब 50 दुकानों को आग लगा दी. दोनों गुटों की झड़प से भड़की हिंसा के बाद जिलाधिकारी राहुल रंजन महिवाल ने जिले में कर्फ्यू लगा दिया है.

प्रशासन का कहना है कि उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है. प्रशासन ने बताया, स्थिति तनावपूर्ण है लेकिन नियंत्रण में है. पुलिस के जवान मौके पर तैनात हैं और हर चीज पर निगाह रखी जा रही है. सीआरपीएफ के जवानों को फ्लैग मार्च करने का निर्देश दिया गया है. पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. साथ ही वहां कमिश्नर और डीआईजी भी पहुंच चुके हैं.

ओल्ड जीटी रोड के पास जामा मस्जिद के समीप करीब 50 दुकानें जलाई गई हैं. वहीं पत्थरबाजी में 20 पुलिसकर्मी समेत 60 से ज्यादा लोगों के घायल हुए हैं. बताया जा रहा है कि हिंसा तब शुरू हुई जब नवाडीह इलाके में निकाली जा रही रामनवमी की शोभायात्रा पर कुछ लोगों ने पत्थरबाजी कर दी.

रिपोर्ट के मुताबिक दोपहर करीब दो बजे विभिन्न अखाड़ों के लोग शोभायात्रा के लिए जुटने लगे थे. जैसे ही ठाकुरबाड़ी की ओर से शोभायात्रा ने बाजार में प्रवेश किया, तथाकथित रूप से अचानक पथराव शुरू हो गया. इसके बाद दूसरे सिरे पर खड़े लोग भड़क गए और दुकानों को आग लगाने लगे. डीएम और एसपी ने भीड़ को समझाने का प्रयास किया. करीब चार बजे उपद्रवी शांत हुए.

औरंगाबाद हिंसा के घटना पर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया है. तेजस्वी ने कहा कि भाजपा को पिछले दरवाजे से सत्ता में लाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राहत अवश्य महसूस कर रहे होंगे.