‘हमारा ग्रेजुएशन पूरा होना चाहिए न कि हमारी अंतिम यात्रा निकलनी चाहिए’

फ्लोरिडा हाईस्कूल गोलीबारी की घटना के पीड़ितों ने देश में बंदूक कानूनों को सख्त करने की मांग की थी और साथ ही मतदाताओं से इस कदम का विरोध करने वाले सांसदों को पद से हटाने का भी आग्रह किया था. ‘सीएनएन’ के अनुसार, फोर्ट लॉडरडेल में शनिवार (17 फरवरी) को एक भावनात्मक रैली में पार्कलैंड के मार्जरी स्टोनमैन डगलस हाईस्कूल (जहां 14 फरवरी को नरसंहार हुआ था) की वरिष्ठ छात्रा एमा गोंजालेज ने मांग की थी कि देश के सांसदों को स्कूलों में गोलीबारी को रोकने के लिए कुछ करना चाहिए था.

इस घटना के दौरान एमा ऑडिटोरियम में छुप गई थीं. फेडरल कोर्ट हाउस के बाहर एक रैली में एमा ने कहा था कि “हम यह समझ नहीं पाते हैं कि दोस्तों के साथ सप्ताहांत की योजनाओं को बनाना एक स्वचालित या सेमी-ऑटोमेटिक हथियार खरीदने की तुलना में क्यों कठिन है?”

अमेरिका में बंदूक से बढ़ती हिंसा (गन कल्‍चर) के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऐतिहासिक विरोध प्रदर्शन हुआ है. इसमें 10 लाख से ज्‍यादा लोग शामिल हुए हैं. इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका नेतृत्‍व किसी राजनीतिक दल ने नहीं बल्कि किशोर छात्रों ने किया है. 4 फरवरी को फ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित एक स्कूल में 19 साल के निकोलस क्रूज द्वारा राइफल से 17 लोगों की हत्या किए जाने की घटना के मद्देनजर ‘मार्च फॉर अवर लाइव्स’ रैली का आयोजन किया गया.

इस घटना के बाद बंदूक नियंत्रण पर राष्ट्रीय बहस फिर से शुरू हो गई है क्योंकि बहुत से लोगों ने चिंता जताई कि स्कूलों में गोलीबारी की घटनाएं बड़े पैमाने पर तेज होती जा रही हैं. फ्लोरिडा हाई स्कूल के किशोर छात्रों ने इसका नेतृत्व किया और अमेरिका के कई बड़े शहरों में इसका पिछले दिनों आयोजन किया गया.

द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के अनुसार यह प्रदर्शन इस मायने में खास है क्‍योंकि यह मौजूदा राजनीतिक व्‍यवस्‍था के खिलाफ बड़े बदलाव का संदेश देता है. राजनीतिक विश्‍लेषकों के मुताबिक छात्रों के इस आंदोलन के निहितार्थ यह हैं कि अब यथास्थिति में बदलाव की दरकार है और लोगों का मौजूदा राजनीतिक व्‍यवस्‍था में इस मुद्दे को लेकर भरोसा खत्‍म सा हो रहा है. ऐसे में तत्‍काल गन कल्‍चर के खिलाफ कोई ठोस पहल नहीं हुई तो ‘पॉलिटिकल एक्टिविज्‍म’ की नई पीढ़ी इन मुद्दों को लेकर सियासी फलक पर दिखाई देगी.

लोगों के आक्रोश का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फ्लोरिडा के पार्कलैंड स्थित मारजोरी स्टोनमैन डगलस हाई स्कूल के 17 साल के छात्र कैमरन कास्की ने वाशिंगटन में एक विशाल रैली में भीड़ से कहा, ”नेता या तो लोगों का प्रतिनिधित्व करें या बाहर चले जाएं.” ”मार्च फॉर अवर लाइव्स” के आयोजकों ने कहा कि अटलांटा, बॉस्टन, शिकागो, डेलास, डेनवर, लॉस एंजिलिस, मियामी, मिनियापोलिस, सिएटल और दूसरे शहरों में 800 से ज्यादा प्रदर्शन हुए. न्‍यूयॉर्क के मेयर बिल ड ब्लासियो ने कहा कि शहर में रैली में 1,75,000 लोगों ने हिस्सा लिया. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ”ये छात्र अमेरिका को बदल देंगे.”

लेकिन सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन वाशिंगटन में हुआ, जहां आयोजकों के अनुसार 8,00,000 से ज्यादा लोग जमा हुए थे. 2000 में हुए ‘मिलियन मॉम मार्च’ के बाद से यह अमेरिका में बंदूक नियंत्रण को लेकर हुई सबसे बड़ी रैली थी. कास्की ने कहा, ”ये लोग हमला करने वाले हथियारों पर प्रतिबद्ध लगाने वाले कानून की मांग कर रहे हैं.” इस दौरान एक छात्र ने एक स्‍लोगन लिखा था, ”हमारा ग्रेजुएशन पूरा होना चाहिए न कि हमारी अंतिम यात्रा निकलनी चाहिए.”

द न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के अनुसार इस विरोध रैली से कुछ घंटे पहले ही राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने 85, 800 करोड़ रुपये के खर्च संबंधी विधेयक पर हस्‍ताक्षर किए लेकिन उसमें बंदूक से हिंसा रोकने के संबंध में किए जाने वाले उपाय के बारे में कोई जिक्र नहीं किया गया.