भागलपुर दंगा मामलाः केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे ने कहा- क्यों करूं सरेंडर

सोमवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र अरिजीत शास्वत ने कहा कि वो बिहार के भागलपुर में साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने को लेकर उनकी गिरफ्तारी के आदेश के खिलाफ कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपील करेंगे. शास्वत ने कहा कि वो पुलिस के साथ इस मामलें में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार है.

शास्वत ने कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आती है तो मैं वैसा ही करूंगा जैसा की पुलिस मुझसे करने के लिए कहेगी. शास्वात ने आगे कहा कि वो अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ कोर्ट में अग्रिम जमानत की अपील करेंगे. हालांकि शास्वत ने कहा कि गिरफ्तारी को लेकर आत्मसर्मपण करने के लिए तैयार नहीं है और उन्हें भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है.

शास्वत ने कहा कि मुझे आत्मसर्मपण क्यों करना चाहिए? उन्होंने कहा कि कोर्ट ने मेरी गिरफ्तारी का आदेश जरूर जारी किया है पर कोर्ट फैंसले के खिलाफ अपील का अधिकार भी देती है.

शास्वत ने कहा कि एक बार आप कोर्ट जाते है तो आपको वहीं करना होता है जो कोर्ट आपको करने का आदेश देता है और मुझे भारतीय न्याय प्रणाली पर पूरा भरोसा है. शास्वत ने कहा कि मैं कोई भगोड़ा नहीं हूं.

वहीं बिहार पुलिस ने पहले कहा था कि रविवार को पुलिस ने 17 मार्च को भागलपुर में साम्प्रदायिक हिंसा भड़काने के आरोप में शास्वत के खिलाफ गिरफ्तारी का आदेश दिया था. आपको बता दे कि मामला उस समय सामने आया था जब भागलपुर में केंद्र मंत्री अश्वनी चौबे की अगुवाई में भाजपा,आरएसएस और बजरंग दल के कार्यक्रताओं ने भागलपुर में दूसरे समुदाय के लोगो पर हमला किया था.

इस मामले के चलते शास्वत पर साम्प्रदायिक दंगे भड़काने को लेकर केस दर्ज किया गया था. हालांकि शास्वत ने पहले कहा था कि उन पर साम्प्रदायिक दंगा भड़काने को लेकर नहीं बल्कि लाउडस्पीकर को लेकर मामला दर्ज कराया गया है.

शास्वत ने दावा किया था कि मेरे खिलाफ दायर एफआईआर में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि मैंने हिंसा भड़काई है. बल्कि शिकायत में मुझ पर लाउस्पीकर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था कि मुझे लाउजस्पीकर लगाने कि आज्ञा नहीं थी. इसके साथ ही कुछ लोगों की भावनाए जरूर आहात हुई होंगी क्योंकि हमने जय श्रीराम और वंदे मातरम के नारे लगाए थे.