आईपीएल से पहले साहा ने खेली तूफानी पारी, 20 गेंदों में जड़ा शतक

टीम इंडिया का हिस्सा विकेटकीपर-बल्लेबाज रिद्धिमान साहा ने शनिवार को खेल के सबसे छोटे प्रारूप में अपनी काबिलियत का शानदार नूमना पेश किया है. उन्होंने स्थानीय जे.सी. मुखर्जी टी-20 टूर्नामेंट में 20 गेंदों में 102 रनों की तूफानी पारी खेल अपनी टीम मोहन बागान को बी.एन.आर रिक्रिएशन क्लब के खिलाफ 10 विकेट से जीत दिलाई.

साहा इंडियन प्रीयिमर लीग (आईपीएल) के इस सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलते दिखाई देंगे. उन्होंने कालीघाट में खेले गए मैच में 14 छक्के और चार चौके जड़े और 152 रनों के आसान से लक्ष्य को सात ओवर पहले हासिल कर लिया.

साहा ने 50 रनों तक पहुंचने के लिए 12 गेंदों का सामना किया और इसके बाद एक ओवर में लगातार छह छक्के लगाए. उन्होंने 20 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. मोहन बगान को उन्होंने छक्के के साथ जीत दिलाई.

साहा ने एक रन लेकर अपनी पारी की शुरुआत की और फिर लगातार चौके मारे. उन्होंने अभिदिप्ता चक्रवर्ती के पहले ओवर में छक्का जड़ा.

साहा ने 510 की बेहतरीन स्ट्राइक रेट से रन बनाए. उनके सलामी जोड़ीदार शुभोमोय दास ने 22 गेंदों में 43 रनों की पारी खेली.

मैच के बाद साहा ने संवाददाताओं से कहा, “मैं नहीं जानता कि यह रिकार्ड है या नहीं. मैंने आईपीएल को ध्यान में रखते हुए अलग शॉट खेलने का प्रयास किया.”

उन्होंने कहा, “पहली गेंद से मुझे लगने लगा था कि गेंद मेरे बल्ले के बीच में आ रही है इसलिए मैं मारता चला गया.” साहा टीम इंडिया की वनडे और टी-20 टीम में नहीं हैं. इन दोनों प्रारूपों में महेंद्र सिंह धौनी अभी भी टीम की पहली पसंद हैं.

साहा से जब पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि वह इन दोनों प्रारूप में राष्ट्रीय टीम में जाने के हकदार हैं तो उन्होंने कहा, “यह चयनकर्ताओं पर निर्भर है. मेरा काम मौके मिलने पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना है.”

साहा ने कहा कि वह टी-20 में पारी की शुरुआत करना पसंद करेंगे, लेकिन हैदराबाद में पहले से ही डेविड वार्नर और शिखर धवन की सलामी जोड़ी मौजूद है. साहा ने कहा कि वह टीम में कहीं भी बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा, “मैं टी-20 में हमेशा पारी की शुरुआत करना पसंद करता हूं, लेकिन हमारे पास वार्नर और शिखर हैं इसलिए मैं कहीं भी बल्लेबाजी करने के लिए तैयार हूं.” मोहन बागान ने बी.एन.आर को 20 ओवरों में सात विकेट पर 151 रनों पर ही सीमित कर दिया था.