राज्‍यसभा चुनाव : BSP हार पर बोली, ‘दलित विरोधी है BJP, उसे अंबेडकर नाम से ही चिढ़ है’

यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए 10वीं सीट के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी. इस सीट पर बीजेपी के अनिल अग्रवाल और बसपा के भीमराव अंबेडकर के बीच कांटे की टक्कर थी. इस पर बीजेपी ने जीत दर्ज की.

पहली वरीयता में बीजेपी के आठ विजयी उम्मीदवारों को 39-39 वोट मिले. सपा की जया बच्चन को 38 वोट मिले. पहली वरीयता की गिनती में दसवीं सीट के लिए बसपा के भीमराव अंबेडकर को 33 वोट मिले और बीजेपी के अनिल अग्रवाल को 22 वोट मिले. इसके बाद ही साफ हो गया था प्रचंड बहुमत वाली बीजेपी की दूसरी वरीयता में जीत तय है.

राज्यसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद जहां बीजेपी जश्न मना रही है, वहीं चुनाव में मिली हार के बाद बहुजन समाज पार्टी निराश है. यूपी उपचुनाव के नतीजे आने के बाद बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने आरोप लगाया कि बीएसपी के प्रत्याशी को हराने के लिए मुख्तार अंसारी को वोट डालने से रोका गया.

उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी को वोट डालने के लिए कोर्ट ने इजाजत दे दी थी, लेकिन उनको जेल डालकर वोट नहीं डालने दिया गया. सतीश चंद्र मिश्रा ने बीजेपी पर धन और सत्ता के बल पर धांधली का आरोप लगाया है.

बीएसपी के महासचिव सतीश मिश्रा ने बीजेपी को दलित विरोधी बताया. उन्होंने कहा कि हमने भीमराव अंबेडकर को खड़ा किया था, बीजेपी को इस नाम से ही चिढ़ है. यही वजह है कि उसने पार्टी प्रत्याशी को हराने के लिए हर हथकंडा अपनाया.

बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने बीजेपी पर गंभीर लगाते हुए कहा कि इन्होंने हमारे विधायक और दूसरे दलों के विधायकों के साथ जोर-जबरदस्ती करके वोट लेने का काम किया गया. इसलिए हम हारे और वो अपने 9वें सदस्य को जीतवाने में कामयाब हुए.

राज्यसभा चुनाव में वोटों की गिनती दो घंटे देर से शुरू हुई. दरअसल सपा और बसपा ने आरोप लगाया कि सपा के नितिन अग्रवाल और बसपा के अनिल सिंह ने पार्टी को बिना बताए क्रॉस वोटिंग की. लिहाजा उनके वोट अवैध घोषित होने चाहिए.

इसके साथ ही सपा के विधायक राजेश यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष के चार बैलट पेपर फाड़े गए हैं. इसके बाद चुनाव आयोग ने फुटेज मंगवाया. जांच के बाद आयोग ने नितिन अग्रवाल और अनिल सिंह के वोट को वैध करार दिया. साथ ही बैलट फाड़ने वाले आरोप को भी खारिज कर दिया.