NCERT की किताब में हुआ बदलाव, गुजरात दंगे को लेकर हटाया गया ‘एंटी मुस्लिम’ शब्द

NCERT की किताब में बदलाव हुए है. किताब में हुए यह बदलाव NCERT के टेक्स्टबुक रिव्यु के बाद किए गए, यह बदलाव 2007 में पहली बार हुए थे. 12 कक्षा की ‘Politics in India Since Independence’ किताब का पहला संस्करण साल 2007 में प्रकाशित किया गया था. इस किताब का प्रारूप हरीवासुदेवन की अगुवाई में बनी टेक्स्टबुक डिवलेपमेंट कमेटी द्वारा तैयार किया गया था.

कमेटी की अध्यक्षता हरिदेव वासुदेवन ने की थी कि जोकि यूजीसी से जो सम्मान पूर्वक सेवामुक्त होने के बाद कलकत्ता विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ा रहे हैं. इस कमेटी में योगेंद्र यादव भी शामिल थे, जो अब राजनीतिज्ञ बन चुके हैं.

साल 2002 में गुजरात के दंगों को मुस्लिम विरोधी गतिविधि माना गया था. देश में हुए इस उपद्रव को एनसीईआरटी ने अपनी किताब में जगह दी थी. 12वीं क्लास में इसे एंटी मुस्लिम दंगों के नाम से पढ़ाया जा रहा था. अब इस अध्याय से ‘एंटी मुस्लिम’ शब्द को हटाकर गुजरात दंगा कर दिया गया है. नाम बदलने का फैसला सीबीएसई और एनसीआरटी की रिव्यू कमेटी की बैठक में लिया गया था.

बदलाव के साथ यह किताब छात्रों के लिए उपलब्ध हो चुकी है. किताब के आखिरी अध्याय रिसेंट डेवलेपमेंट इन इंडियन पॉलिटिक्स में यह बदलाव किया गया है. पेज नंबर 187 के शुरुआती पैसेज में ‘गुजरात में हुए एंटी मुस्लिम दंगे’ को बदलकर ‘गुजरात दंगा’ कर दिया गया है. हालांकि यहां 1984 में हुए दंगों को सिख विरोधी ही करार दिया गया है.

बदलाव के तहत इस अध्याय में एक पैराग्राफ जोड़ा भी गया है. जिसमें लिखा है कि अयोध्या से लौटी ट्रेन (जोकि कारसेवकों से भरी हुई थी) को आग के हवाले कर दिया गया था. इस अग्निकांड में 57 लोगों की मौत हो गई. किताब में लिखा गया है कि बोगी को आग लगाने में मुस्लिमों के हाथ होने का संदेह है. इस घटना के बाद राज्य के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर मुस्लिम विरोधी दंगे शुरू हो गए. यह दंगे एक महीने चले थे जिसमें मरने वालों में ज्यादातर मुस्लिमों की मौत हुई थी.