भोपाल: हजारों किसान 185 किमी पैदल चलकर CM शिवराज से मिलने पहुंचे

शुक्रवार (23 मार्च) को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के लिए बड़ा एलान किया था. सीएम शिवराज ने लहसुन और प्याज को भी भावांतर योजना में शामिल करने की घोषणा की थी. हालांकि चना, मसूर, सरसों को भावांतर योजना में शामिल नहीं किया गया.

उन्होंने कहा था कि इन तीनों फसलों को अब न्यूनतम मूल्य पर खरीदा जायेगा. इसके साथ गेहूं का न्यूनतम मूल्य 1735 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है. इस दौरान उन्होंने कहा था कि सरकार किसानों को फसल के उचित मूल्य देने के लिए प्रतिबंद्ध है.

महाराष्ट्र के बाद मध्यप्रदेश के किसान अपनी मांगों को लेकर भोपाल पहुंचे. सागर से पदयात्रा करके किसान सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिलने यहां पहुंचे. किसानों का कहना है कि वो सीएम से मिलकर पूर्ण कर्ज माफी की मांग करेंगे.

जानकारी के अनुसार, ये सभी किसान सागर से 185 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके यहां पहुंचे हैं. इस दौरान किसानों के पैरों में पड़े छाले पड़ गए हैं. वहीं सीएम शनिवार (24 मार्च) शाम 7 बजे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए, प्रदेश के किसानों को संबोधित करेंगे. माना जा रहा है कि चुनावी साल में सीएम किसानों के लिए कुछ बड़ा एलान कर सकते हैं.

OBC महासभा के नेता घनश्याम पटेल के नेतृत्व में किसानों ने 20 मार्च इस पदयात्रा की शुरूआत की. चार दिन में करीब 185 किलोमीटर की दूरी तय कर वो शनिवार (24 मार्च) को यहां पहुंचें.

किसानों का कहना है कि वो पूर्ण कर्जमाफी की मांग को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिलने आए हैं. हालांकि सीएम शिवराज तो किसानों को नहीं मिले पुलिस जरुर उन्हें लेकर अंबेडकर मैदान चली गई है, जहां उनसे बातचीत की जाएगी.

किसानों का बताया कि लाख मेहनत के बाद भी पिछले तीन सालों से वो बहुत परेशान हैं. किसानों ने कहा कि पिछले 3 सालों से उनके इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से उनकी फसलों को काफी नुकसान हुआ है.

किसानों ने बताया कि उन लोगों को नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है. भावांतर योजना के बारे में बात करने पर किसानों ने बताया कि उन्हें सोयाबीन के भावांतर का पैसा अभी तक नहीं मिल पाया है. ऐसे में किसानों की मांग है कि भावांतर योजना को बंद कर देना चाहिए.