पाक राजनयिक सोहेल महमूद भारत वापस लौटे, कहा- भारत संग सुलझाना चाहते हैं विवाद

राजनयिक उत्पीड़न को लेकर भारत और पाकिस्तान दोनों आमने-सामने खड़े हैं. गुरुवार को एक बार फिर से भारत ने पाकिस्तान के समक्ष भारतीय राजनयिकों को इस्लामाबाद की पाक अधिकारियों की ओर से प्रताड़ित किए जाने और पीछा करने को लेकर विरोध जताया है. जिसके बाद पाकिस्तान ने भी अपने राजनियकों और उनके बच्चों के उत्पीड़न को लेकर एक नोट जारी कर दिया.

पाकिस्तान उच्चायुक्त सोहेल महमूद काफी दिनों बाद भारत लौट आए हैं. शुक्रवार को वह पाकिस्तान दिवस मनाने के लिए दिल्ली लौटे और यहां वह एक कार्यक्रम को होस्ट करेंगे. दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की वजह से पड़ोसी देश ने बैठक के नाम पर महमूद को देश वापस बुला लिया था. सरकारी सूत्रों के अनुसार पाक उच्चायोग द्वारा आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर को आमंत्रित किया गया है. हालांकि उनकी जगह कोई और मंत्री भी इसमें शिरकत कर सकता है.

इससे पहले कभी भी दोनों देशों के बीच राजनयिकों को लेकर इस तरह की तनातनी देखने को नहीं मिली थी. महमूद ठीक एक हफ्ते बाद भारत वापस लौटे हैं. पाकिस्तान ने उन्हें राजनयिकों को डराने और प्रताड़ित करने की कथित घटनाओं पर चर्चा करने के लिए बुलाया था. यदि शुक्रवार को होने वाले कार्यक्रम में महमूद उपस्थित नहीं होते तो भारत की ओर से इसे पाकिस्तान की उकसावे वाली कार्रवाई के तौर पर देखा जाता. हालांकि भारत का कहना है कि वह किसी भी स्थिति में अपने उच्चायुक्त अजय बिसारिया को वापस नहीं बुलाएगा.

इस मामले पर सोहेल महमूद ने कहा है कि मैंने इस इस मामले पर अपनी सरकार के साथ बातचीत की और हम चाहते हैं कि इस मामले को जल्द से जल्द सुलझा लिया जाए क्योंकि इसकी वजह से दोनों देशों के रिश्तों पर प्रभाव पड़ रहा है.